Ranchi news : डिजिटल व्यवस्था से गरीबों के निवाले पर आया संकट

विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर भोजन का अधिकार अभियान झारखंड द्वारा प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता की गयी.

रांची. विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर भोजन का अधिकार अभियान झारखंड द्वारा प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता की गयी. इस दौरान राज्य में खाद्य सुरक्षा की वास्तविक स्थिति और डिजिटल प्रक्रियाओं से उत्पन्न संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त की गयी. वक्ताओं ने कहा कि झारखंड जैसे राज्य में, जहां गरीबी, कुपोषण और भुखमरी पहले से गंभीर समस्या रही है, वहां खाद्यान्न की चोरी और कालाबाजारी रोकने के नाम पर डिजिटल निगरानी के अनेक तंत्र लागू किये गये हैं. लेकिन अब इन योजनाओं में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, आधार लिंकिंग, मोबाइल-आधार सत्यापन, ई-केवाइसी और ऑनलाइन आवेदन जैसे डिजिटल तरीकों ने गरीबों की पहुंच कठिन बना दी है. इन तथाकथित पुलिसिंग तकनीकों ने राशन डीलरों या अधिकारियों पर तो लगाम नहीं लगा पायी, लेकिन गरीब परिवारों को हक से वंचित जरूर किया है. केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष राज्यों को ई-केवाइसी कराने का निर्देश जारी किया था. झारखंड में 15 अक्टूबर 2025 तक लगभग 72.5 लाख राशन कार्ड सदस्यों का ई-केवाइसी लंबित है, जिनमें 13.5 लाख सदस्यों के आधार नंबर राशन कार्ड से लिंक नहीं हैं. इससे गरीबों में यह आशंका बढ़ रही है कि कहीं वे अपने खाद्यान्न के अधिकार से पूरी तरह वंचित न हो जायें. ऐसे में संगठन सरकार से मांग करता है कि जन वितरण प्रणाली और आंगनबाड़ी में चल रहे डिजिटल सत्यापन को तत्काल बंद किया जाये. बिना सत्यापन और नोटिस के राशन कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया पर रोक लगायी जाये. जिन कार्डधारकों का ई-केवाइसी या आधार सीडिंग नहीं हुआ है, उनके खाद्यान्न अधिकार को सुरक्षित रखा जाये. इस अवसर पर बलराम, अशर्फी नंद प्रसाद, तारामणि साहु, अफसाना खातून, सिराज दत्ता, समित, शानियारी, देवंती, बुद्दी देवी, संदीप आदि उपस्थित थे.

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By DEEPESH KUMAR

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