रांची. बाहरी अधिवक्ता को झारखंड हाइकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कॉलेजियम द्वारा अनुशंसा किये जाने का विरोध मंगलवार को भी जारी रहा. वहीं एडवोकेट एसोसिएशन के विरोध के बावजूद महाधिवक्ता राजीव रंजन चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव की अध्यक्षतावाली खंडपीठ (कोर्ट नंबर-एक) में गये तथा विभिन्न मामलों की सुनवाई में राज्य सरकार का पक्ष रखा. महाधिवक्ता श्री रंजन के अलावा राज्य के अन्य अधिवक्ता कोर्ट-एक, कोर्ट-तीन व कोर्ट-चार में सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई के दाैरान उपस्थित हुए तथा राज्य सरकार का मजबूती से पक्ष रखा. कोर्ट ने कई मामलों की सुनवाई के बाद उसे निष्पादित भी कर दिया. आठ मार्च को महाधिवक्ता ने राज्य सरकार के सभी अधिवक्ताओं को तीनों कोर्ट में जाने तथा राज्य सरकार का पक्ष रखने का निर्देश दिया था. निर्देश के आलोक में 10 मार्च को कई सरकारी अधिवक्ता कोर्ट में उपस्थित हुए थे. इसके विरोध में एडवोकेट एसोसिएशन की आमसभा में 15 अधिवक्ताओं को शो कॉज नोटिस देने का निर्णय लिया गया था. एसोसिएशन के प्रस्ताव के आलोक में अधिवक्ता तीनों कोर्ट की अदालती कार्यवाही में शामिल नहीं हो रहे हैं.
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