रांची. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मंगलवार को नेपाल हाउस में समेकित बिरसा विकास योजना सह कृषक पाठशाला की समीक्षा की. इस दौरान मंत्री ने कृषि पाठशाला के लिए चयनित एजेंसी की सुस्ती पर नाराजगी जतायी. राज्य में फिलवक्त 57 एजेंसी कृषि पाठशाला के लिए चयनित है. कृषि पाठशाला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है. 25 से 27 एकड़ भूमि पर कृषि पाठशाला का निर्माण हुआ है. इसमें कुछ एजेंसियां बेहतर काम कर रही हैं, जबकि कई एजेंसियों को पहले भी शोकॉज किया जा चुका है. मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने साफ कहा कि इसमें किसी भी तरह की कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने कृषि पाठशाला में बेड़ो के लिए चयनित एजेंसी को टर्मिनेट करने का निर्देश दिया. एजेंसी को काम में लापरवाही और सुस्ती के लिए पहले ही शोकॉज किया गया था.
कार्य में प्रगति लाने का निर्देश
बेहतर कार्य नहीं करनेवाली एजेंसियों को छह माह में कार्य में प्रगति लाने का निर्देश दिया गया है. मंत्री ने कहा है कि कृषि पाठशाला में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की आत्मा बसती है. कृषि पाठशाला का कैंपस विभाग की सारी योजनाओं का दर्पण की तरह है और इस दर्पण में विभाग का चेहरा हर हाल में बेहतर दिखना चाहिए. कृषि पाठशाला में किसानों के प्रशिक्षण से लेकर विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का मॉडल तैयार किया जाता है. प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट द्वारा कृषि पाठशाला की मॉनिटरिंग की जाती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
