रांची में सीटू की दो दिवसीय बैठक शुरू, तपन सेन बोले- कामगारों के मुद्दों को लेकर संगठन जरूरी

रांची में सीटू राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक रविवार को शुरू हुई. बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तपन सेन ने पूंजीवाद के संकट और कामगारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी. दिल्ली में प्रस्तावित मजदूरों के महाजुटान को सफल बनाने का निर्णय लिया गया.

रांची. सीटू राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक रविवार को शुरू हुई. बैठक का उद्घाटन सीटू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद तपन सेन ने किया. इस दौरान उन्होंने पूंजीवादी व्यवस्था के संकट, चार लेबर कोड, निजीकरण, ठेका प्रथा और महंगाई समेत कामगारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी. बैठक में एक से तीन दिसंबर तक दिल्ली में प्रस्तावित मजदूरों के महाजुटान को सफल बनाने का निर्णय लिया गया.

चार लेबर कोड और निजीकरण पर जतायी चिंता

तपन सेन ने कहा कि दुनिया में पूंजीवादी व्यवस्था का संकट गहरा रहा है और इसका प्रभाव भारत पर भी पड़ रहा है. उनके अनुसार, इसका बोझ मेहनतकश लोगों पर डाला जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि इस बोझ के खिलाफ कामगारों के प्रतिरोध से निपटने के लिए सरकार आक्रामक रवैया अपना रही है.

उन्होंने चार लेबर कोड का जिक्र करते हुए कहा कि स्थायी कामगारों की जगह ठेका प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसे अब आउटसोर्सिंग का रूप दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि लेबर कोड में प्रधान नियोक्ता की भूमिका खत्म किये जाने से मजदूरों के हित प्रभावित होंगे.

असंगठित क्षेत्र के कामगारों के मुद्दे उठाने पर जोर

तपन सेन ने कहा कि निजीकरण, ठेका प्रथा, काम के घंटे बढ़ने और महंगाई के कारण कामगारों में असंतोष बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि इस पृष्ठभूमि में कामगारों के आक्रोश को संगठित दिशा देने की जरूरत है.

बैठक में सीटू के राज्य महासचिव विश्वजीत देब ने कार्य रिपोर्ट पेश की. रिपोर्ट में झारखंड में सीटू का दायरा अन्य लक्षित सेक्टरों में बढ़ाने, असंगठित क्षेत्र के कामगारों की समस्याओं को उठाने और राज्य के श्रम विभाग की लालफीताशाही के खिलाफ अभियान चलाने का उल्लेख किया गया.

कई सेक्टर के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

बैठक की अध्यक्षता सीटू के कार्यकारी अध्यक्ष भवन सिंह ने की. इसमें कोयला, इस्पात, बिजली, बॉक्साइट, सड़क परिवहन और निर्माण क्षेत्र के अलावा परियोजना कर्मियों, आंगनबाड़ी, मिड-डे-मील और सहिया यूनियन से जुड़े राज्य कमेटी के सदस्यों ने हिस्सा लिया.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Manoj Kumar Singh

मनोज सिंह प्रभात खबर में बतौर मुख्य संवाददाता कार्यरत है. पत्रकारिता में उनका 26 साल का अनुभव है. दैनिक हिन्दुस्तान में करीब आठ साल काम करने के बाद वह प्रभात खबर से जुड़े हैं. कृषि, पशुपालन, सहकारिता, वन, जलवायु परिवर्तन, आजीविका, मनोरोग, कोयला संबंधी खबरों में वर्षों काम करने का अनुभव है.

आइआइटी कानपुर से जस्ट ट्रांजिशन विषय पर फेलोशिप प्राप्त करने वाले देश के पहले संवाददाता है. उनको दो बार एग्रई जर्निलिज्म अवार्ड मिल चुका है. झारखंड सरकार के वन विभाग से तिलका मांझी अवार्ड मिला है. कई मचों पर वह प्रभात खबर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में हिस्सा ले चुके हैं.


📩 संपर्क. manoj.singh@prabhatkhabar.in

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >