IICM में तंजानिया के प्रतिनिधिमंडल ने किया ‘उन्नत कृषि’ परियोजना का दौरा, रांची में देखी ड्रोन से खेती और स्मार्ट इरिगेशन की तकनीक

तंजानिया के 27 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रांची में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कोल मैनेजमेंट (IICM) का दौरा किया. उन्होंने 'उन्नत कृषि' परियोजना के तहत ऑटोमेटेड इरिगेशन और ड्रोन तकनीक का लाइव डेमो देखा.

रांची. तंजानिया के खनिज मंत्रालय के 27 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कोल मैनेजमेंट (IICM) में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत ‘उन्नत कृषि’ परियोजना का एक्सपोजर विजिट किया. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल को परियोजना के उद्देश्य, प्रमुख गतिविधियों और किसानों को मिल रहे लाभों की जानकारी दी गई.

ऑटोमेटेड इरिगेशन सिस्टम और कृषि ड्रोन तकनीक का लाइव डेमो

प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि ICT और IoT आधारित आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से डेटा आधारित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस दौरान ऑटोमेटेड इरिगेशन सिस्टम और कृषि ड्रोन तकनीक का लाइव डेमो भी दिखाया गया. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से खेती में होने वाले बदलावों और इसके व्यावहारिक उपयोग को करीब से समझा.

किसानों से किया संवाद

विजिट के दौरान तंजानिया के प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना से जुड़े किसानों और टीम के सदस्यों से संवाद किया. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने तकनीक आधारित खेती, कृषि उत्पादकता और किसानों को होने वाले लाभों से जुड़े कई सवाल पूछे. उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों को लेकर अपनी रुचि भी व्यक्त की.

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तंजानिया में भी इस तरह की आधुनिक कृषि

प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप सेड्रोन तकनीक, मोबाइल ऐप और डेटा आधारित कृषि व्यवस्था के बारे में जानकारी ली. सदस्यों ने तंजानिया में भी इस तरह की आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने में रुचि दिखाई. इस अवसर पर सीसीएल की ओर से जॉन बोदरा, निधि समृद्धि फाउंडेशन की ओर से रवि शंकर कुमार, सूरज सिन्हा, चंचल कच्छप, स्मार्ट फार्मर सुखदेव उरांव, घुमेश्वर उरांव, राजेश उरांव, सोमरा उरांव, सीमा देवी, उषा देवी और मुन्नी गाड़ी सहित अन्य किसान एवं परियोजना टीम के सदस्य मौजूद रहे.

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ग्रामीण विकास में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर

सीसीएल की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत संचालित ‘उन्नत कृषि’ परियोजना के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. परियोजना से जुड़े आदिवासी युवा और किसान ड्रोन तकनीक और मोबाइल ऐप जैसे आधुनिक साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम

विजिट को तकनीकी ज्ञान, अनुभव और कृषि क्षेत्र में संभावित सहयोग के आदान-प्रदान की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया. परियोजना से जुड़े लोगों ने कहा कि उचित अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर किसान आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं.

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By Manoj Kumar Singh

मनोज सिंह प्रभात खबर में बतौर मुख्य संवाददाता कार्यरत है. पत्रकारिता में उनका 26 साल का अनुभव है. दैनिक हिन्दुस्तान में करीब आठ साल काम करने के बाद वह प्रभात खबर से जुड़े हैं. कृषि, पशुपालन, सहकारिता, वन, जलवायु परिवर्तन, आजीविका, मनोरोग, कोयला संबंधी खबरों में वर्षों काम करने का अनुभव है.

आइआइटी कानपुर से जस्ट ट्रांजिशन विषय पर फेलोशिप प्राप्त करने वाले देश के पहले संवाददाता है. उनको दो बार एग्रई जर्निलिज्म अवार्ड मिल चुका है. झारखंड सरकार के वन विभाग से तिलका मांझी अवार्ड मिला है. कई मचों पर वह प्रभात खबर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में हिस्सा ले चुके हैं.


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