रांची से अभिषेक आनंद और अरविंद कुमार सिंह की रिपोर्ट
Student Silent March: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 18वें दिन भी जारी रहा. आंदोलन के तहत छात्रों ने राजधानी रांची में अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया. 'JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच' की अगुवाई में बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी हाथों में फूल लेकर मौन जुलूस में शामिल हुए. जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू हुआ यह साइलेंट मार्च अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा.
जुलूस में नारेबाजी से परहेज
जुलूस के दौरान छात्रों ने नारेबाजी से परहेज किया और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सामने रखा. हाथों में फूल और जुबां पर खामोशी के जरिए प्रदर्शनकारियों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और व्यवस्था में सुधार की मांग की. छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर है.
25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं छात्र
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर छात्र और अभ्यर्थी 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं. मंगलवार को आंदोलन का 18वां दिन रहा. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अलग-अलग माध्यमों से सरकार और संबंधित आयोगों के सामने अपनी मांगें रखने की कोशिश की है. छात्रों का कहना है कि राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है. लाखों अभ्यर्थी इन परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों का समय और संसाधन लगाते हैं. ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने से अभ्यर्थियों का भरोसा प्रभावित होता है.
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग
आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार शामिल है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दोनों आयोगों की परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके. छात्रों ने कई परीक्षाओं को रद्द करने की मांग भी उठायी है. उनका कहना है कि जिन परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आये हैं, उनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है. इसके साथ ही परीक्षा प्रक्रिया में जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा नहीं होने देने के लिए ठोस सुधार की मांग की जा रही है.
CBI या सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के पैनल से जांच की मांग
प्रदर्शनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं. उनकी मांग है कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI से करायी जाए. वैकल्पिक तौर पर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों का पैनल गठित कर जांच कराने की मांग भी की गयी है. छात्रों का तर्क है कि जांच ऐसी एजेंसी या समिति से होनी चाहिए, जिस पर किसी तरह का दबाव या पक्षपात का आरोप नहीं लगे. इसी मांग को लेकर मंच की ओर से लगातार सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है.
छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर
आंदोलन के दौरान छह प्रदर्शनकारी छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं. इनमें से दो छात्रों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इससे आंदोलन को लेकर चिंता भी बढ़ी है. छात्र संगठनों की ओर से सरकार से मांग की जा रही है कि वह आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जल्द समाधान निकाले और प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत के माध्यम से उनकी मांगों पर निर्णय ले.
सरकार और छात्रों के बीच छठे दौर की वार्ता भी बेनतीजा
रविवार को JPSC-JSSC मंच के प्रतिनिधियों और झारखंड सरकार के बीच छठे दौर की वार्ता हुई थी. हालांकि, बातचीत के बावजूद किसी ठोस नतीजे पर सहमति नहीं बन सकी. दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर मामले के समाधान को लेकर गंभीर नहीं होने के आरोप लगाये गये. लगातार कई दौर की बातचीत के बाद भी समाधान नहीं निकलने से छात्रों का आंदोलन जारी है. इसी क्रम में मंगलवार को छात्रों ने मौन जुलूस के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया.
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फूलों के साथ दिया शांतिपूर्ण विरोध का संदेश
मंगलवार के मार्च की खास बात यह रही कि प्रदर्शनकारियों ने हाथों में फूल लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी. नारेबाजी के बजाय मौन रहकर छात्रों ने सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचने की कोशिश की. जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकले इस मार्च में छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में सुधार, पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग दोहरायी. आंदोलन के 18वें दिन भी समाधान नहीं निकलने के बाद अब आगे की रणनीति पर छात्रों की नजर है. वहीं, सरकार के सामने भी चुनौती है कि बातचीत के कई दौर के बावजूद बने गतिरोध को कैसे खत्म किया जाए.
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