Ranchi news : महिला सुपरवाइजरों की नियुक्ति मामले में हाइकोर्ट की रोक बरकरार
: मामला महिला पर्यवेक्षिका परीक्षा-2023 में समाज शास्त्र, मनोविज्ञान व गृह विज्ञान विषय की डिग्री नहीं होने का.
रांची. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने महिला पर्यवेक्षिका प्रतियोगिता परीक्षा-2023 में नियुक्ति की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थी व सरकार की ओर से पक्ष रखा गया. मामले की सुनवाई के दाैरान प्रार्थी की ओर से बहस शुरू की गयी, जो अधूरी रही. इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए छह नवंबर की तिथि निर्धारित की. वहीं 444 पदों पर महिला पर्यवेक्षिका परीक्षा के सफल घोषित अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर पूर्व में लगायी गयी रोक (अंतरिम आदेश) बरकरार रही. इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता व झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने पैरवी की. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी आकांक्षा कुमारी व अन्य, रूपा कुमारी व अन्य, अंजू कुमारी व अन्य, लक्ष्मी कुमारी व अन्य की ओर से अलग-अलग याचिका दायर की गयी है. प्रार्थियों की ओर से कहा गया है कि वह महिला पर्यवेक्षिका पद पर नियुक्ति की सारी अहर्ताएं रखती हैं. वर्ष 2019 की नियुक्ति नियमावली से यह नियुक्ति हो रही है, उसके अनुसार वह योग्य हैं, लेकिन जेएसएससी ने उन्हें नोटिस जारी किया है, जो गलत है. पूर्व की सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार व जेएसएससी को जवाब दायर करने का निर्देश देते हुए पूछा था कि महिला पर्यवेक्षिका की शत प्रतिशत सीटें सिर्फ महिला उम्मीदवार के लिए रिजर्व क्यों की गयी.
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