Political news : 90 दिनों का दिया टास्क, फिर तय होगी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव की किस्मत

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के राजू की टीम ले रही है फीडबैक. अध्यक्ष को लेकर कांग्रेस में लॉबिंग, सुखदेव, बंधु, कालीचरण, राजेश कच्छप हैं दौड़ में शामिल.

रांची. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के राजू झारखंड में संगठन को लेकर नये तरीके से काम कर रहे हैं. प्रभारी ने झारखंड में संगठन से लेकर मुद्दों तक के लिए अपनी फीडबैक टीम रखी है. प्रभारी के आठ से 10 लोग झारखंड में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता व सिविल सोसाइटी के लोगों के बीच पहुंच रहे हैं. प्रभारी के तीन से चार लोग लगातार झारखंड में कैंप कर रहे हैं. दलित, आदिवासी, पिछड़ा समाज से फीडबैक ले रहे हैं. फिलहाल प्रभारी ने संगठनात्मक कामकाज को दुरुस्त करने के लिए 90 दिनों का समय दिया है. इसमें ब्लॉक से लेकर प्रदेश स्तर पर अलग-अलग काम दिये गये हैं. जुलाई में इसकी समीक्षा होगी. इसके बाद वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की किस्मत तय होगी.

अध्यक्ष पद को लेकर लॉबिंग तेज

इधर, कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर नये सिरे से लॉबिंग भी तेज हुई है. कांग्रेस के कई आला नेता दौड़ में शामिल हैं. कुछ नेता पार्टी द्वारा तय कार्यक्रम में अपनी ताकत झोंक रहे हैं, तो कुछ दिल्ली दरबार में अपने खूंटे को पकड़ रहे हैं. अध्यक्ष की दौड़ में लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत, कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा व विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप का नाम चल रहा है. सांसद श्री भगत का रास्ता काटने में कई नेता लगे हैं. लोहरदगा से ही उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने की राह में रोड़े हैं. धीरज साहू से लेकर विधायक रामेश्वर उरांव का विरोध झेलना पड़ सकता है. बंधु तिर्की ने हाल के दिनों में संगठन के अंदर अपनी ताकत दिखायी है. पार्टी की रैली से लेकर मांडर में प्रभारी राजू के कार्यक्रम में भीड़ जुटायी है. खूंटी के सांसद कालीचरण और राजेश कच्छप की ओर भी पार्टी देख सकती है. कांग्रेस के अंदर सरना कार्ड की गोटी कई नेता चल रहे हैं.

जिलाध्यक्ष की चयन प्रक्रिया भी बदलेगी

कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया है कि आने वाले दिनों में जिलाध्यक्षों का पावर बढ़ाया जायेगा. संगठन से लेकर टिकट बंटवारे में जिलाध्यक्ष की भूमिका होगी. जुलाई तक झारखंड में कमेटी का विस्तार हो सकता है. ऐसे में जिलाध्यक्ष की चयन प्रक्रिया भी शुरू होगी. केंद्रीय नेतृत्व जिलाध्यक्षों के चयन के लिए पर्यवेक्षक भेजेगा. सूचना के मुताबिक 12 पर्यवेक्षक झारखंड आ सकते हैं. ऐसे में पर्यवेक्षकों की भूमिका चयन में महत्वपूर्ण होगी.

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By RAJIV KUMAR

RAJIV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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