झारखंड कैबिनेट में 25 फैसले : जेपीएससी अभ्यर्थियों को 7 साल की छूट, पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का प्रस्ताव मंजूर

झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन की अगली परीक्षा में अभ्यर्थियों को सात साल की छूट मिलेगी. इसका कटऑफ डेट 1 अगस्त 2017 रखा गया है. इसके अलावा अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 50 साल की उम्र में ही पेंशन मिलने लगेगी.

झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) की अगली परीक्षा में अभ्यर्थियों को सात साल की छूट मिलेगी. बताया गया कि झारखंड लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2023 के लिए अधिकतम एवं न्यूनतम आयु सीमा की गणना के लिए कट-ऑफ डेट के निर्धारण की स्वीकृति दी गई. इसकी कटऑफ डेट 1 अगस्त 2017 होगी. इसके अलावा अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं को 50 साल की उम्र में ही पेंशन मिलने लगेगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार (24 जनवरी) को हुई कैबिनेट की बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. कैबिनेट ने आज 25 प्रस्तावों पर मुहर लगाई, जिसमें 140 मध्य विद्यालयों को उच्च माध्यमिक विद्यालय में अपग्रेड करने, गर्भवती महिलाओं को मातृ किट देने का भी फैसला हुआ. इसका लाभ राज्य की छह लाख महिलाओं को मिलेगा.

पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी

राज्य में ‘पिछड़ा वर्ग आयोग’ के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई. गोमिया के पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद को पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है. उनका कार्यकाल तीन वर्षों के लिए होगा. श्री प्रसाद अब तक राज्य समन्वय समिति के सदस्य थे. इस पद से उन्होंने इस्तीफा दे दिया है. इतना ही नहीं, तत्कालीन राष्ट्रीय बचत निदेशालय के अधीन वित्त विभाग में अनियमित रूप से नियुक्त एवं कार्यरत छह कर्मियों के सेवा को नियमित करने की स्वीकृति कैबिनेट ने प्रदान कर दी. राज्य के समेकित बाल विकास परियोजना (ICDS) कर्मियों को वेतनादि/संविदा भत्ता भुगतान शत-प्रतिशत राज्य मद से राज्य योजना अंतर्गत संचालित आईसीडीएस कर्मियों के वेतन व अन्य भुगतान के लिए योजना अधीन करने की स्वीकृति दी गई.

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एसटी-एससी समुदाय को सर्वजन पेंशन का लाभ 50 वर्ष

कैबिनेट ने 50 साल तक की आयु वाले एससी-एसटी समुदाय के महिला-पुरुषों को सर्वजन पेंशन योजना का लाभ देने का फैसला लिया है. पूर्व में वृद्धा पेंशन 60 वर्ष की आयु के बाद मिलती थी. पर अब 50 वर्ष की आयु के बाद ही पेंशन मिलने लगेगी. इस योजना से 18 लाख लाभुकों को लाभ मिलेगा. कैबिनेट द्वारा 140 मध्य विद्यालय को हाइस्कूल में अपग्रेड करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गयी है. कैबिनेट द्वारा गर्भवती महिलाओं को मातृत्व किट देने के प्रस्ताव पर मंजूरी दी गयी है. गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क किट उपलब्ध कराया जायेगा, जिसमें 14 प्रकार की सामग्री होगी. एक किट की लागत 1500 रुपये की होगी. इससे छह लाख गर्भवती महिलाएं लाभान्वित होंगी. कैबिनेट द्वारा कृषकों, महिला सहायता समूहों के लिए मुख्यमंत्री ट्रैक्टर योजना शुरू की जायेगी. इसके लिए 80 करोड़ की मंजूरी दी गयी.

धनबाद में कांको से गोल बिल्डिंग तक फोरलेन सड़क का होगा निर्माण

कैबिनेट ने झारखंड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से विश्व बैंक संपोषित कांको-विनोद बिहारी चौक-गोल बिल्डिंग वाया मेमको चौक पथ (कुल लंबाई-20.00 किमी) के फोरलेन सड़क की मंजूरी दी है. इसमें सर्विस लेन सहित विकास (साइकिल ट्रैक सहित सौंदर्यीकरण) कार्य के लिए 4,61,90,19,200 की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी.

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इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी

  • पीएम सड़क योजना के तहत 19 पथ 12 पुल के लिए 208 करोड़ की मंजूरी

  • एमआइएस के संविदा आधारित कार्य के लिए एक पद सृजित

  • वीमेंस हॉकी में हुए खर्च को घटनोत्तर स्वीकृति

  • झारखंड जमाकर्ता अधिकार अधिनियम के संरक्षण को मंजूरी

  • सीआइडी के मामले के निबटारे के लिए तीन कोर्ट की मंजूरी

  • हाटगम्हरिया पथ के लिए 67 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति

  • शीतकालीन सत्र के सत्रावसान को घटनोत्तर मंजूरी

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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