चान्हो.
झारखंड मिल्क फेडरेशन (मेधा डेयरी) के प्रोग्रेसिव किसानों ने मंगलवार को बीजुपाड़ा में दुग्ध उत्पादकों के लिए एकदिवसीय विशेष गोष्ठी आयोजित की. गोष्ठी में दुग्ध उत्पादकों को गुणवत्तापूर्ण दूध उत्पादन, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, हरा चारा, संतुलित पशु आहार, तथा दुग्ध उत्पादों के मूल्य संवर्धन से संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी. प्रतिनिधियों ने दुग्ध व्यवसाय में गव्य विकास की भूमिका और महत्व पर प्रकाश डाला. पशुपालन विभाग के प्रतिनिधि ने पशु स्वास्थ्य संबंधी तकनीकी जानकारी दी. वहीं बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी ने दुग्ध उत्पादकों को बैंक से जुड़कर लाभ लेने की जानकारी दी. गोष्ठी में झारखंड मिल्क फेडरेशन के प्रबंध निदेशक जयदेव बिस्वास ने किसानों को आश्वस्त किया कि फेडरेशन सदैव उनके हितों की रक्षा और उन्नति के लिए कार्य करता रहेगा. किसान प्रतिनिधि विशेश्वर शाही ने दुग्ध व्यवसाय में अपने 23 वर्षों की अनुभव को साझा किया. वहीं विधायक प्रतिनिधि सुजीत शाही ने झारखंड मिल्क फेडरेशन, गव्य विकास निदेशालय और पशुपालन विभाग में समन्वय बनाकर कैसे दुग्ध उत्पादक किसानों को लाभ पहुंचाने पर चर्चा की. कहा कि गोष्ठी का उद्देश्य किसानों को नयी तकनीक व योजनाओं से जोड़कर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है. मौके पर गव्य विकास निदेशालय के संयुक्त निदेशक त्रिशूल शाही, प्रोग्रेसिव किसान जय प्रकाश जायसवाल, भानु महतो, विनोद सिंह, अरविंद सिंह, दिलीप साहू, नंदलाल गोप, किसान, बीएमसी ऑपरेटर व दुग्ध मित्र मौजूद थे.चान्हो 1, गोष्ठी में उपस्थित किसान व अन्य.B
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