रांची से सतीश सिंह की रिपोर्ट
Rukka Dam, रांची : रांचीवासियों को गर्मी के इस मौसम में बिना किसी रुकावट के पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने कमर कस ली है. विभाग ने ओरमांझी स्थित रूक्का (भैरवा) पंपिंग प्लांट की क्षमता बढ़ाने और पुरानी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक नई और बड़ी परियोजना शुरू की है. इसके तहत प्लांट में नया हैवी-ड्यूटी पंप सेट लगाया जाएगा, जिस पर सरकार कुल 92.24 लाख रुपये खर्च करने जा रही है.
2030 घनमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी फेंकेगा नया पंप
पेयजल विभाग की ओर से इसके लिए बकायदा ई-टेंडर जारी कर दी गई है. इस योजना के तहत रूक्का प्लांट में आधुनिक तकनीकी वाले हॉरिजॉन्टल स्प्लिट केसिंग सेंट्रीफ्यूगल पंप सेट (Horizontal Split Casing Centrifugal Pump Set) की आपूर्ति, इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग और टेस्टिंग का काम किया जायेगा. यह नया पंप सेट प्रति घंटे 2030 घनमीटर (m³/hr) पानी डिस्चार्ज करने की क्षमता रखता है. जबकि इसका टोटल हेड 122 मीटर का होगा, जिससे ऊंचे इलाकों और दूर-दराज के तंग क्षेत्रों में भी पानी का प्रेशर मजबूत रहेगा. साथ ही इसका ठेका लेने वाले ठेकेदार (कॉन्ट्रैक्टर) को काम शुरू होने के 120 दिनों के भीतर इसे हर हाल में पूरा करना होगा.
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टेंडर लेने के हैं कड़े नियम
पंप सेट लगाने के इस प्रोजेक्ट में किसी भी तरह की लापरवाही रोकने के लिए विभाग ने टेंडर की शर्तें काफी कड़ी रखी हैं. इच्छुक कंपनियों को बोली (Bidding) लगाने से पहले रूक्का प्लांट का भौतिक निरीक्षण (Physical Site Inspection) करना होगा और वहां के संबंधित अधिकारी से सर्टिफिकेट लेकर उसे तकनीकी बीड के साथ अपलोड करना होगा. इसके अलावा निविदादाता के पास इस तरह के बड़े वाटर सप्लाई इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों का न्यूनतम दो वर्ष का अनुभव होना जरूरी है. इसके लिए ऑनलाइन बीडिंग 8 जून तक होगी, जबकि 9 जून को इसकी टेक्निकल बीड खोली जाएगी. केवल ऑनलाइन ई-टेंडर ही स्वीकार की जाएंगी.
रूक्का डैम में बचा है सिर्फ 75 दिनों का पानी
परियोजना के बीच राजधानी रांची के लिए एक चिंताजनक खबर भी सामने आई है. रांची की लगभग 80 प्रतिशत आबादी की प्यास बुझाने वाले रूक्का डैम का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (बूटी प्रमंडल) के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर के अनुसार, डैम में फिलहाल सिर्फ 75 दिनों का ही जलापूर्ति योग्य पानी बचा है. वर्तमान में डैम का कुल जलस्तर वैसे तो 20.3 फीट दिख रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि इसमें 14 फीट नीचे सिर्फ गाद (Silt/मिट्टी) भरी हुई है. गाद को हटाकर देखा जाए, तो सप्लाई के लिए केवल 6 फीट 3 इंच पानी ही वास्तव में उपलब्ध है. रांची में एक दिन की पूरी जलापूर्ति करने में डैम का पानी लगभग 1 इंच घट जाता है. इस रफ्तार से यह पानी ढाई महीने (75 दिन) ही चलेगा.
सिकिदिरी हाइडल प्रोजेक्ट किया गया बंद
डैम के तेजी से घटते वाटर लेवल और आने वाले संकट को देखते हुए पेयजल विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. विभाग के आग्रह पर सिकिदिरी हाइडल पावर प्रोजेक्ट (Sikidiri Hydel Project) के लिए रूक्का डैम से पानी लेने का काम तत्काल प्रभाव से पूरी तरह बंद करा दिया गया है, ताकि बिजली उत्पादन के चक्कर में राजधानी के लोगों के हिस्से का पीने का पानी खत्म न हो.
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