रांची. राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में एमबीबीएस के नये बैच के लिए मंगलवार से आरोहण-फाउंडेशन कोर्स की शुरुआत हुई. ओरिएंटेशन डे के साथ पहली बार रिम्स में 250 सीटों पर नामांकित विद्यार्थियों ने मेडिकल शिक्षा के सफर की शुरुआत की. इनमें राज्य कोटे के साथ केंद्रीय कोटे से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी भी शामिल हैं. इससे पहले रिम्स में एमबीबीएस की 180 सीटों पर नामांकन होता था.
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी शामिल हुए. पैरेंट्स ने अपने बच्चों के डॉक्टर बनने के सपनों और उनसे जुड़े संस्मरण साझा किये. रिम्स निदेशक प्रो डॉ डीके सिन्हा ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल किताबों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं है. अच्छे डॉक्टर के लिए ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, नैतिकता, अनुशासन और मरीजों के प्रति सहानुभूति भी जरूरी है.
डीन प्रो डॉ राजीव मिश्रा ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन तथा शिक्षकों और सहपाठियों के साथ सकारात्मक संवाद की सीख दी. चिकित्सा अधीक्षक प्रो डॉ हिरेंद्र बिरुआ ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों के प्रति चिकित्सकीय जिम्मेदारी से अवगत कराया. डीन, स्टूडेंट वेलफेयर डॉ राहुल प्रसाद ने छात्र कल्याण, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और उपलब्ध सहायता व्यवस्थाओं की जानकारी दी. एमइयू कोऑर्डिनेटर डॉ मृत्युंजय मुंडू ने फाउंडेशन कोर्स के उद्देश्यों और कार्यक्रम की रूपरेखा बतायी.
तीन अक्तूबर तक चलेगा आरोहण
आरोहण फाउंडेशन कोर्स तीन अक्तूबर तक चलेगा. इस दौरान विद्यार्थियों को सॉफ्ट स्किल्स, नेटवर्किंग, टीमवर्क, लीडरशिप, टाइम मैनेजमेंट, नैतिक मूल्यों और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता जैसे विषयों की जानकारी दी जायेगी.
