रांची से राजीव पांडेय की रिपोर्ट
रिम्स में कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा हो गया है. संस्थान ने जिन क्वार्टरों को जर्जर और असुरक्षित बताते हुए करीब एक साल पहले कंडम घोषित कर दिया था, उन्हीं आवासों में अब भी कर्मचारी रह रहे हैं. इतना ही नहीं, हाल में दो कर्मचारियों को दोबारा इन्हीं क्वार्टरों में कमरा आवंटित कर दिया गया है. जानकारी के अनुसार, आठ बिल्डिंगों में करीब 30 परिवार रह रहे हैं. जर्जर स्थिति को देखते हुए एक कर्मचारी को दो-दो कमरे दिये गये हैं, जिससे 60 कमरों का इस्तेमाल हो रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब आवास रहने योग्य नहीं हैं, तो आवंटन क्यों जारी रखा गया.
बारिश में टपकता है पानी
बिल्डिंग इतनी जर्जर हो गयी है कि यहां रहना खतरा से खाली नहीं है. बारिश में जगह-जगह पानी टपकता रहता है. इससे कर्मचारियों को परेशानी होती है. कई कमरे को रिम्स द्वारा सील भी कर दिया गया है, क्योंकि लोग अतिक्रमण कर इसमें रहने लगे थे. कुछ कर्मचारियों ने हादसे की आशंका को देखते हुए कमरा छोड़ भी दिया है. बिल्डिंग की दीवारें दरक गयी हैं और उनपर बड़े-बड़े पौधे उग आये हैं. इन पौधों से दीवारें और क्षतिग्रस्त हो गयी हैं.
| ब्लॉक | आवंटित कमरा |
| ब्लॉक ई | नौ, 14, 18 और 19 |
| ब्लॉक एफ | एक, दो, तीन, चार, 10, 13 व 17 |
| ब्लॉक जी | पांच, छह, 12 और 13 |
| ब्लॉक जे | एक, चार, पांच, सात, नौ, 10, 13, 14, 17 व 18 |
| ब्लाक के | एक, दो, पांच, छह, सात, आठ, 15 व 16 |
| ब्लॉक एल | एक, दो, सात, आठ, नौ, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 17, 18 व 19 |
| ब्लॉक एम | एक, सात, आठ व 17 |
पीआरओ ने क्या कहा
रिम्स के पीआरओ डॉ शिशिर कुमार ने कहा कि एक बिल्डिंग को भवन निर्माण विभाग ने कंडम घोषित किया है, लेकिन अन्य की रिपोर्ट का इंतजार है. भवन निर्माण विभाग से सभी बिल्डिंग को कंडम घोषित होने पर आवास खाली करा दिया जायेगा. एचआरए सभी को मिलता है. इसलिए उन्हें कमरा छोड़ने का नोटिस जारी किया जायेगा.
ये भी पढ़ें-जेपीएससी परीक्षा घोटाला : अभय तिवारी चार महीने पहले साथी की ही किडनैपिंग के मामले में जा चुका है जेल
