CCL ने शुरू की ऑनलाइन मेडिकल बिल सुविधा, घर बैठे रिटायर कर्मी कर सकेंगे आवेदन और ट्रैकिंग

अब सीसीएल के रिटायर कोयलाकर्मियों को मेडिकल बिल जमा करने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. कंपनी ने ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी है, जिससे दूर-दराज में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है.

रांची. सीसीएल ने रिटायर कोयलाकर्मियों के लिए ऑनलाइन मेडिकल बिल जमा करने की सुविधा शुरू कर दी है. यह सुविधा कंट्रीब्यूटरी पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल स्कीम (सीपीआरएमएसइ) से जुड़े रिटायर सीसीएल कर्मियों को मिलेगी. इसके लिए कंपनी ने ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है. रिटायर कर्मी पोर्टल के माध्यम से देश-विदेश में रहते हुए भी मेडिकल बिल के लिए आवेदन कर सकेंगे और आवेदन की स्थिति की ट्रैकिंग भी कर सकेंगे.

अब तक रिटायर कर्मियों को मेडिकल बिल जमा करने के लिए सीसीएल मुख्यालय या संबंधित एरिया कार्यालय जाना पड़ता था. ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने से उन्हें इस परेशानी से राहत मिलेगी.

एकमुश्त राशि जमा करने पर मिलती है मेडिकल सुविधा

सीपीआरएमएसइ से जुड़े सीसीएल के अधिकारी और कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद मेडिकल सुविधा मिलती है. इसके लिए रिटायरमेंट के समय अधिकारी और कर्मचारियों ने कंपनी में एकमुश्त 40-40 हजार रुपये जमा कराये हैं. इसके तहत कर्मचारी और उनकी पत्नी को आठ लाख रुपये तक का मेडिकल क्लेम मिलता है. वहीं, अधिकारियों को 25 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिलती है.

2018 से ऑनलाइन प्रक्रिया की मांग

रिटायर कर्मी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि अधिकारी वर्ष 2018 से ही मेडिकल बिल की प्रक्रिया ऑनलाइन करने की मांग कर रहे थे. ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने से दूर-दराज में रहनेवाले रिटायर अधिकारियों को सुविधा होगी.

जेसीसी सदस्य कमलेश सिंह ने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया की निरंतर निगरानी जरूरी है. रिटायर कर्मियों को मेडिकल बिल का भुगतान समय पर मिले, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Manoj Kumar Singh

मनोज सिंह प्रभात खबर में बतौर मुख्य संवाददाता कार्यरत है. पत्रकारिता में उनका 26 साल का अनुभव है. दैनिक हिन्दुस्तान में करीब आठ साल काम करने के बाद वह प्रभात खबर से जुड़े हैं. कृषि, पशुपालन, सहकारिता, वन, जलवायु परिवर्तन, आजीविका, मनोरोग, कोयला संबंधी खबरों में वर्षों काम करने का अनुभव है.

आइआइटी कानपुर से जस्ट ट्रांजिशन विषय पर फेलोशिप प्राप्त करने वाले देश के पहले संवाददाता है. उनको दो बार एग्रई जर्निलिज्म अवार्ड मिल चुका है. झारखंड सरकार के वन विभाग से तिलका मांझी अवार्ड मिला है. कई मचों पर वह प्रभात खबर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में हिस्सा ले चुके हैं.


📩 संपर्क. manoj.singh@prabhatkhabar.in

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >