प्रमुख संवाददाता, रांची
झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्य में गलत तरीके से राशन कार्ड का लाभ ले रहे अपात्र लाभुकों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है. भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा राइटफुल टारगेटिंग के तहत प्राप्त ( केपीआई वी 2) के आधार पर चिन्हित संपन्न लोगों के राशन कार्ड तुरंत निरस्त करने का आदेश दिया गया है. इस संबंध में विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने राज्य के सभी उपायुक्तों को पत्र जारी कर सख्त निर्देश दिये हैं. जारी पत्र के अनुसार, केंद्र सरकार से प्राप्त डेटा (केपीआइ वी 2) के आधार पर चिन्हित किये गये अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड (परिवार के सभी सदस्यों सहित) तुरंत निरस्त कियें जायें. कहा गया है कि जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है. जो परिवार टैक्स भरते हैं. जिनका व्यवसाय बड़ा टर्नओवर वाला है और वे संपन्न वर्ग में आते हैं. इनका राशन कार्ड रद्द किया जाये. इसके अलावा, वैसे लाभुक जो किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं, जिनके पास चार पहिया वाहन है, या जो साइलेंट बेनिफिशियरी (लंबे समय से राशन नहीं उठाने वाले) हैं, तथा 18 वर्ष से कम उम्र के सिंगल मेंबर श्रेणी में आते हैं, उनका नियमानुसार भौतिक सत्यापन कराया जाये. इन सभी अपात्रों और शेष केपीआई इंडिकेटर वाले लाभुकों के नाम 25 अगस्त तक हर हाल में राशन कार्ड से हटा देने का निर्देश दिया गया है.
31 अगस्त के बाद रुक सकता है केंद्र से अनाज का आवंटन
सचिव ने पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि यदि केपीआई (वी 2) के आलोक में जिलों द्वारा त्वरित कार्रवाई नहीं की गयी, तो केंद्र सरकार द्वारा 31 अगस्त के बाद चिन्हित संख्या का अनाज आवंटन (कोटा) रोक दिया जायेगा. इस संभावित संकट से बचने के लिए सचिव ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर पर इस पूरी कार्रवाई की साप्ताहिक समीक्षा करें और प्रगति रिपोर्ट सीधे मुख्यालय को उपलब्ध कराये. सरकार के इस सख्त कदम से उन गरीबों को हक मिल सकेगा जो वास्तव में राशन के हकदार हैं, लेकिन अपात्रों की वजह से सूची से बाहर हैं.
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