रांची. जेएसएससी द्वारा 19 जुलाई को आयोजित क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा विवादों में घिर गयी है. अभ्यर्थियों ने प्रवेश पत्र जारी करने में कथित लापरवाही और संताली भाषा के प्रश्नपत्र में गंभीर त्रुटियों का आरोप लगाते हुए परीक्षा प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच तथा दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है.
अभ्यर्थियों ने लगाया आरोप
अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग की लेटलतीफी के कारण कई उम्मीदवार परीक्षा में शामिल ही नहीं हो सके. कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा समाप्त होने के बाद 20 जुलाई को प्रवेश पत्र डाउनलोड करने का लिंक मिला, जबकि कई को परीक्षा वाले दिन ही ई-मेल के माध्यम से प्रवेश पत्र प्राप्त हुआ. ऐसे में वे निर्धारित परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके और परीक्षा से वंचित रह गये. इस परीक्षा के लिए राज्यभर के 813 केंद्रों पर 3,22,867 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किये गये थे, लेकिन इनमें से केवल 86,444 अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए. अभ्यर्थियों का कहना है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच करायी जानी चाहिए.
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संताली प्रश्नपत्र पर उठे सवाल
वहीं, संताली भाषा (पत्र-दो) के प्रश्नपत्र को लेकर भी गंभीर आपत्तियां सामने आयी हैं. अभ्यर्थियों का दावा है कि 100 में से 40 प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर पूछे गये, जबकि चार प्रश्न त्रुटिपूर्ण थे. इसके अलावा संताली साहित्य, संस्कृति, लोकगाथाओं और प्रमुख साहित्यकारों से जुड़े कई प्रश्नों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया गया है. इन अनियमितताओं के आधार पर प्रभावित अभ्यर्थियों ने संताली भाषा की परीक्षा रद्द कर पुनः आयोजित करने की मांग की है.
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