रांची का वार्ड-5: कागजों पर 'स्मार्ट', जमीन पर 'बदहाल', न सड़क, न नाली, मोबाइल की लाइट में चल रही हैं दुकानें

Ranchi Ward 5 Issues: रांची के वार्ड-5 में पेयजल और बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव। बूटी जलागार क्षेत्र होने के बावजूद हफ्तों नहीं आता पानी. बदहाल सड़कों और अंधेरे के बीच आक्रोशित हैं लोग.

Ranchi Ward 5 Issues, रांची : रांची में वार्ड-5 का शहर के बड़े वार्डों में शुमार है, जिसका क्षेत्रफल जुमार पुल से लेकर बूटी मोड़ और बड़गाईं रोड तक फैला है. वार्ड में बूटी जलागार से लेकर कई महत्वपूर्ण अस्पताल व व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं. लेकिन, यहां के लोगों की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की अनियमित आपूर्ति है. कई बार तो सप्लाई पानी हफ्तों तक नहीं आता है. आता भी है, तो 10-15 मिनट के लिए है. ऐसे में यहां के लोग निजी चापाकल और नगर निगम के मिनी एचवाइडीटी पर आश्रित हो गये हैं. वार्ड में स्ट्रीट लाइट का मेंटेनेंस भी बदहाल है. एक बार लाइट खराब हुई, तो महीनों तक मरम्मत नहीं होती है. वार्ड पार्षद और निगम को फोन करने के बाद भी लाइट की मरम्मत नहीं होती है. नतीजतन शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है.

सड़क नाली से भी बदहाल है यह वार्ड

वार्ड के कई मोहल्लों में अब तक सड़क नहीं बनी है. लोग कच्ची सड़कों पर चलने को विवश हैं. आम दिनों में तो आवागमन में खास परेशानी नहीं होती है, लेकिन बरसात के दिनों में यहां की सड़कों पर चलना, दुखदायी हो जाता है. वार्ड में कहीं नाली बनी है, तो कहीं पर नाली है ही नहीं. जहां पर नाली बनी हुई है, उसकी सालों से सफाई नहीं हुई है. बिना स्लैब के नालियाें पर हमेशा हादसा होने का डर बना रहता है. वार्ड में साफ-सफाई भी बदहाल है. सड़कों के किनारे जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा रहता है.

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कौन कौन से मुहल्ले हैं इस वार्ड में

बूटी बस्ती, एकता नगर आदर्श नगर, बैंक कॉलोनी, टंगरा टोली, पीएचइडी कॉलोनी, खिजूर टोला, किशुनपुर, लेम, ग्रीन पार्क, चित्रगुप्त नगर, बड़गाईं, सुंदरगनर, मां तपोवन सिटी, परवेज कॉलोनी.

प्रभात खबर की परिचर्चा में छलका लोगों का दर्द


वार्ड-5 में सड़क और पानी की समस्या आम है. यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं को लेकर परेशान है. प्रभात खबर ने वार्ड पांच में स्थानीय लोगों के संग परिचर्चा का आयोजन किया. आयोजन का उद्देश्य वार्ड की वास्तविक समस्याओं और स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं को सामने लाना था.

लोगों ने क्या कहा

हमारे इलाके में नालियां हीं नहीं है. पानी की समस्या भी लोगों को सताती है. कहीं भी पीने की पानी की टंकी या कोई नल की सुविधा नहीं हैं. आने-जाने वाले लोग प्यासे रह जाते हैं. गर्मी में तो यह समस्या और भी बढ़ जाती है.
शादाब आलम

हमारे इलाके में छह महीने से स्ट्रीट लाइट खराब है, जो अब तक नहीं बनी है. हम शाम को सड़क के किनारे दुकान लगाते हैं. पूरी सड़क अंधरे में रहती है. मोबाइल के सहारे दुकान चलती है. कम से कम स्ट्रीट लाइट तो दुरुस्त होनी ही चाहिए.

मुछनी देवी

हमारे वार्ड में समस्या की फेहरिस्त लंबी है. जलागार हमारे ही वार्ड में है, लेकिन कई बार तो दो-दो हफ्तों तक सप्लाई पानी नहीं आता. वहीं, स्ट्रीट लाइट की भी समस्या है, जो जलती हीं नहीं हैं. कचरा गाड़ी तो दिखता हीं नही है. सड़कें टूटी-फूटी हैं.

चैती देवी

हमारे वार्ड में पानी की समस्या सबसे बड़ी है. कई बार सप्लाई पाइप लाइन लीक होने लगती है, जिससे सड़कों में पानी भर जाता है. जहां लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा, वहां पानी की बर्बादी होती है. स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत हम खुद से कराते हैं.

बांके बिहारी पांडेय

पूर्व वार्ड पार्षद का बयान

मैंने अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान हर क्षेत्र में काम किया. जनभावना हमेशा जुड़ी रही. नाली सड़क, पेयजल हर कुछ उपलब्ध कराया. मुझे हमेशा जनता का प्यार और समर्थन मिलता है. अगर इस बार मौका मिला, तो पंचना टीकरा को खेल मैदान बनाऊंगी. वहीं, मौजूदा समस्याओं को दूर किया जायेगा. साथ ही पुराने अधूरे कार्यों को पूरा करना मेरी प्राथमिकता होगी. अपने वार्ड को आदर्श वार्ड बनाऊंगी.

गायत्री देवी

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लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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