Ranchi News: सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाइओवर के डिजाइन में बदलाव किया गया है. सिरमटोली सरना स्थल के ठीक सामने अब पिलर नहीं लगाया जायेगा. पिलर लगाने से बचने के लिए नये सिस्टम से यहां पर फ्लाइओवर बनेगा. सरना स्थल के सामने सर्विस रोड के ऊपर कंपोजिट स्टील गर्डर लगाया जायेगा. इससे होकर ही गाड़ियां चलेंगी. अब सरना स्थल की चहारदीवारी के हिस्से में किसी तरह की पाइलिंग नहीं की जायेगी और न ही पिलर किया जायेगा. दोनों ओर बाउंड्री के बाद पिलर होगा और इन दोनों पिलरों के बीच स्टील गर्डर लगाया जायेगा. यह प्रयास किया जा रहा है कि सरना स्थल के सामने का हिस्सा प्रभावित नहीं हो.
55 मीटर लंबा होगा स्टील गर्डर
नये डिजाइन के मुताबिक यहां पर कुल 55 मीटर लंबा स्टील गर्डर लगाना है. पहले सरना स्थल की बाउंड्री की नापी की गयी. फिर नये डिजाइन में बाउंड्री की दोनों ओर पांच-पांच मीटर अधिक दूरी तक गर्डर लगाने का प्रावधान किया गया. स्टील गर्डर को विशेष रूप से बाहर से मंगाया जा रहा है.
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आइआइटी मुंबई के विशेषज्ञ ने की मदद
सरना स्थल के सामने पिलर का प्रावधान न हो और नया तथा उपयुक्त डिजाइन हो, इसे लेकर विशेषज्ञ इंजीनियरों ने तीन से चार बार स्थल की जांच की. पथ निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने भी कई बार स्थल का जायजा लिया. यहां तक कि आइआइटी मुंबई के विशेषज्ञ भी यहां दो बार पहुंचे. इसमें उनका सहयोग लिया गया, फिर कंपोजिट स्टील गर्डर लगाने का विकल्प तय किया गया.
क्या है कनेक्टिंग फ्लाइओवर
सिरमटोली और कांटाटोली फ्लाइओवर को जोड़ने के लिए पथ निर्माण विभाग की ओर से कनेक्टिंग फ्लाइओवर बनाया जा रहा है. दोनों फ्लाइओवर के बिल्कुल किनारे से कैंटीलिवर ब्रिज बना कर इसे जोड़ा जायेगा. इस तरह यहां चार कैंटीलिवर ब्रिज बनने हैं. सरना स्थल की ओर से भी कैंटीलिवर ब्रिज बनना था, जिसके लिए हेवी पिलर की आवश्यकता होती है.
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