रांची रेलमंडल की बेरुखी, असाध्य मरीजों को नहीं मिल रही यात्रा में छूट, 38 आवेदन रद्द

Ranchi Railway Division: रांची रेलमंडल में थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया और हीमोफीलिया जैसी 4 असाध्य बीमारियों के मरीजों का रेलवे पास आवेदन रद्द होने का मामला सामने आया है. नियमों के तहत 50% से 100% छूट के प्रावधान के बावजूद पिछले कुछ महीनों में झारखंड के 38 मरीजों के आवेदन निरस्त हुए हैं, जिस पर रांची डीआरएम ने जांच के आदेश दिए हैं.

रांची से राजेश झा की रिपोर्ट

Ranchi Railway Division, रांची : रेल प्रशासन रांची सहित पूरे देश में थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, अप्लास्टिक एनीमिया और हीमोफीलिया जैसी चार गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को रेलवे पास और यात्रा रियायत का लाभ नहीं मिल पा रहा है. केंद्र सरकार के यूडीआईडी (UDID) द्वारा इन रक्त विकार रोगों को दिव्यांगता की स्थायी श्रेणी का दर्जा दिए जाने के बावजूद, तकनीकी या प्रशासनिक खामियों के कारण मरीजों के आवेदन लगातार निरस्त किए जा रहे हैं.

पहले मिलता है आवेदन नंबर, फिर कर दिया जाता है रद्द

परेशान मरीजों ने बताया कि जब वे ऑनलाइन माध्यम से रेलवे कंसेशन (रियायत) के लिए आवेदन करते हैं और असाध्य कैटेगरी का फॉर्म भरते हैं. ऐसा करने पर पहले चरण में उनका आवेदन स्वीकार कर लिया जाता है. इसके बाद उन्हें बकायदा कार्यालय आने की तिथि और आवेदन नंबर भी जारी किया जाता है. लेकिन इस प्रक्रिया के कुछ ही दिनों के भीतर अचानक उनके आवेदन को बिना किसी ठोस कारण के रद्द कर दिया जाता है. सितंबर 2025 से मई 2026 के बीच अब तक अकेले झारखंड के 38 असाध्य मरीजों के आवेदन इसी तरह रद्द किए जा चुके हैं.

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झारखंड में 11 हजार मरीज

रक्तदान शिविर आयोजित करने वाली सामाजिक संस्थाओं के आंकड़ों के अनुसार, पूरे झारखंड में इन चार असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगभग 11 हजार है. रांची रेलमंडल से हर महीने करीब 500 गंभीर रूप से बीमार मरीज बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों (जैसे वेल्लोर, दिल्ली, मुंबई) का रुख करते हैं. रेलवे पास न मिलने के कारण इन गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों पर आर्थिक बोझ बहुत ज्यादा बढ़ गया है.

बीमारियों के लिए मिलती है 50% से 100% तक छूट

रेलवे के मौजूदा नियमों के अनुसार, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों और उनके साथ जाने वाले एक अटेंडेंट को यात्रा भाड़े में 50 फीसदी से लेकर 100 फीसदी तक की भारी छूट दिए जाने का प्रावधान है. इन बीमारियों में मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • कैंसर और ह्रदय रोग
  • थैलेसीमिया और हीमोफीलिया
  • एड्स (AIDS) और गुर्दे (Kidney) की बीमारी
  • टीबी (TB) और कुष्ठ रोग

अधिकारियों और पीड़ितों का पक्ष (Quotes)

“कैंसर सहित अन्य असाध्य रोगों के लिए रेलवे में नियमानुसार रियायत दी जाती है. इन चार विशिष्ट रक्त विकारों (बीमारियों) के आवेदन रद्द होने का मामला अभी हमारे संज्ञान में आया है. संबंधित अधिकारियों को इसकी बारीकी से जांच करने और समस्या का समाधान निकालने का निर्देश दे दिया गया है.”

करुणानिधि सिंह, डीआरएम (DRM), रांची रेलमंडल

“मैंने रेलवे कंसेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था. असाध्य रोग की श्रेणी में फॉर्म भरने के बाद मेरा आवेदन निबंधित भी हो गया और नंबर भी मिल गया, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसे अचानक रद्द कर दिया गया.”

-प्रगति प्रकाश, थैलेसीमिया पीड़िता

“हमें इलाज के लिए लगातार राज्य से बाहर जाना पड़ता है. यात्रा के खर्च में थोड़ी राहत मिल सके, इसीलिए मैंने अपने सभी जरूरी मेडिकल प्रमाण पत्रों के साथ आवेदन किया था, लेकिन रेलवे की तरफ से इसे स्वीकृति नहीं मिली.”

-सोनम कुमारी, थैलेसीमिया पीड़िता

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Published by: Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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