उत्पाद सिपाही बहाली की दौड़ में गई विकास की जान, परिजनों ने लगाया ये आरोप

Ranchi News: साहिबगंज में उत्पाद सिपाही की बहाली में दौड़ में जान गंवाने वाले रांची के विकास लिंडा के परिजनों ने उसके इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है.

Ranchi News: साहिबगंज में उत्पाद सिपाही की बहाली में दौड़ रहे नामकुम के रामपुर निवासी विकास लिंडा (22 वर्षीय) की मौत हो गयी थी. शनिवार को दौड़ने के क्रम में वह बेहोश होकर गिर पड़ा. इसके बाद उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के क्रम में उसने रात को दम तोड़ दिया.

विकास के परिजनों ने उसके इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि दौड़ने के दौरान बेहोश होने पर विकास को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शाम सात बजे फोन पर विकास से बात हुई, उस समय वह बिल्कुल ठीक था. फिर अचानक क्या हुआ और कैसे उसकी मौत हुई, इस विषय में कुछ जानकारी नहीं दी गयी.

उत्पाद सिपाही की बहाली में विकास अपनी चचेरी भाभी, भाई, बहन एवं गांव के दोस्तों के साथ गया था. इनलोगों ने बताया था कि अस्पताल पहुंचने पर इन्होंने विकास को खाना खिलाया था. अचानक सुबह में सूचना मिली कि विकास नहीं रहा.

चाचा तुरिया लिंडा ने आरोप लगाया कि शाम में भतीजा ठीक था. रातभर डॉक्टरों ने पानी चढ़ाकर उसका बीपी लो कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गयी. मौत की सूचना देरी से दी गयी एवं परिजनों के पहुंचने से पहले उसके शव का पोस्टमार्टम कर दिया गया.

पिता की कैंसर से मौत के बाद विकास से थी परिवार वालों को उम्मीद

विकास के पिता बिजला लिंडा की 20 अक्टूबर 2023 को कैंसर से मौत हो गयी थी. इसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. मां शांति देवी (आंगनबाड़ी सेविका) एवं विकास का बड़ा भाई पवन किसी तरह खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करने लो. चार भाई-बहनों में छोटा विकास से परिवार वालों को बहुत उम्मीद थी. बड़ी उम्मीद के साथ मां, बहन एवं चाचा ने उसे भर्ती के लिए साहिबगंज भेजा था.

घटना की सूचना मिलते ही घर में मचा कोहराम

विकास की मौत की सूचना मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था. आसपास के लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि विकास अब नहीं रहा. सभी लोग उसकी मां एवं बहन को संभालने में लगे थे. क्षेत्र के लोग भर्ती प्रकिया की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे थे. परिजनों ने सरकार से क्षतिपूर्ति की मांग की है.

उत्पाद सिपाही बहाली में मौत पर हाइकोर्ट को पत्र लिखा

झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा 2023 के तहत 583 उत्पाद सिपाही की बहाली के लिए 22 अगस्त से प्रक्रिया शुरू है. इसके तहत अभ्यर्थी दौड़ रहे हैं और अभी तक 11 अभ्यर्थियों की मृत्यु हो चुकी है.

इस घटना से आहत होकर अधिवक्ता सह भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुधीर श्रीवास्तव ने झारखंड हाइकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है. साथ ही राज्य सरकार से मामले को सीबीआइ को सौंपने का आग्रह किया है. बताते चलें कि उत्पाद सिपाही बहाली में पुरुषों के लिए एक घंटा में 10 किमी तथा लड़कियों के लिए 40 मिनट में पांच किमी की दौड़ पूरी करनी होती है.

Also Read : उत्पाद सिपाही बहाली दौड़ में फिर बिगड़ी 20 अभ्यर्थियों की तबीयत

Jharkhand Trending Video

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >