हॉटस्पॉट जिला बनने से एक कदम दूर रांची, हिंदपीढ़ी में लोगों के सड़क पर निकलने पर हाइकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव को नोटिस

lockdown in jharkhand: रांची : हिंदपीढ़ी इलाके में एक और व्यक्ति के कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जाने के बाद राजधानी रांची कोविड19 के हॉट स्पॉट जिला बनने से एक कदम दूर रह गया है. वहीं, झारखंड हाइकोर्ट ने हिंदपीढ़ी में लोगों के सड़कों पर निकलने के मामले को गंभीरता से लिया है. कोर्ट ने इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है.

रांची : हिंदपीढ़ी इलाके में एक और व्यक्ति के कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जाने के बाद राजधानी रांची कोविड19 के हॉट स्पॉट जिला बनने से एक कदम दूर रह गया है. वहीं, झारखंड हाइकोर्ट ने हिंदपीढ़ी में लोगों के सड़कों पर निकलने के मामले को गंभीरता से लिया है. कोर्ट ने इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है.

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झारखंड की राजधानी में जैसे ही कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 15 हो जायेगी, रांची हॉट स्पॉट जिला बन जायेगा. अब तक रांची में कोरोना वायरस से संक्रमित 14 मरीज मिले हैं, जबकि पूरे प्रदेश में ऐसे लोगों की संख्या 28 हो गयी है.

हिंदपीढ़ी इलाके में 15 अप्रैल, 2020 को जो कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला, उसका संबंध तबलीगी जमात से बताया गया है. इस तरह जमात के और उनके माध्यम से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 25 हो गयी है.

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रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के निदेशक डॉ डीके सिंह ने बताया था कि संक्रमित व्यक्ति तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होकर रांची लौटे लोगों के संपर्क में आने से ही संक्रमित हुआ है.

इससे पहले 14 अप्रैल, 2020 को झारखंड में कोरोना संक्रमण के तीन मामले मिले थे, जिनमें से दो रांची के हिंदपीढ़ी के और एक सिमडेगा जिले का था.

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इधर, झारखंड हाइकोर्ट ने रांची में लॉकडाउन के दौरान कोरोना वायरस के ‘हॉट स्पॉट’ हिंदपीढ़ी से लोगों के सड़क पर निकलने और शहर के दूसरे इलाकों में जाने को समाज के लिए खतरा बताया है तथा इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव एवं अन्य को नोटिस जारी कर 17 अप्रैल को जवाब देने का निर्देश दिया है.

झारखंड हाइकोर्ट के माननीय जज जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने दो स्थानीय अखबारों में रांची के हिंदपीढ़ी इलाके के लोगों के लॉकडाउन का उल्लंघन कर शहर के दूसरे इलाकों में जाने की खबरों का स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले की सुनवाई की और नोटिस जारी किये.

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कोर्ट ने कहा कि जिन इलाकों में कोरोना वायरस के मरीज मिल रहे हैं, वहां नियमों का पालन नहीं किया जाना गंभीर मामला है. कोर्ट ने कहा कि लॉकडाउन का पूरी सख्ती से पालन होना चाहिए. उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से कोरोना वायरस के संक्रमण की वृद्धि दर के मुताबिक तीन श्रेणियों में बांटे गये जिलों में सघन संक्रमण रोधी अभियान चलाने को कहा है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सर्वाधिक संक्रमण वाले 170 जिलों को हॉटस्पॉट जिले, सीमित संक्रमण वाले 207 जिलों को ‘संभावित हॉटस्पाट जिले’ और संक्रमण मुक्त शेष जिलों को ‘ग्रीन जोन’ में बांटते हुए राज्यों से कहा है कि अगर उनकी दृष्टि में ऐसे कोई जिले हैं, जो हॉटस्पॉट के मानकों को पूरा करते हों, तो वे इन्हें इस श्रेणी में शामिल कर सकते हैं.

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स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने सभी राज्यों के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जिलों को तीन श्रेणियों में बांट कर नये दिशा-निर्देशों के मुताबिक, संक्रमण रोधी अभियान चलाने को कहा है. उल्लेखनीय है कि मंत्रालय द्वारा चिह्नित देश के 25 राज्यों के 170 हॉटस्पॉट जिलों में से 123 जिले गंभीर संक्रमण के प्रभाव वाले हैं.

वहीं, 47 हॉट स्पॉट जिलों में ऐसे इलाके शामिल हैं, जिनमें एक ही स्थान पर कम से कम 15 मरीज पाये गये. इन क्षेत्रों को ‘क्लस्टर’ घोषित किया गया है. इसके अलावा 27 राज्यों में 207 संभावित हॉट स्पॉट जिले शामिल हैं. सूदन ने राज्य सरकारों से देश के सभी जिलों में सघन संक्रमण रोधी अभियान चलाने को कहा है.

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उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्तर पर प्रत्येक जिले में चलाये गये अभियान की सख्त मानकों पर आधारित समीक्षा की जायेगी. मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अधिक संक्रमण वाले 22 जिले तमिलनाडु में हैं, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश में 11-11 जिले, उत्तर प्रदेश के नौ, तेलंगाना के आठ, केरल के छह, मध्यप्रदेश और गुजरात के पांच, पश्चिम बंगाल के चार और कर्नाटक के तीन जिले अधिक संक्रमण वाले जिलों में शामिल हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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