हटिया ग्रिड का 50 MVA ट्रांसफॉर्मर फिर खराब, 125 की जगह मिल रही 85 मेगावाट बिजली

रांची में बिजली की समस्या फिर से बढ़ गई है. हटिया ग्रिड-1 के ट्रांसफार्मर में खराबी आने से करीब 40 मेगावाट बिजली की कमी हो गई है, जिससे राजधानी के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित है. आने वाले दिनों में भी संकट बने रहने की आशंका है.

Ranchi Electricity Supply: राजधानी में बिजली की किल्लत एक बार फिर बढ़ने लगी है. मंगलवार दोपहर तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में अचानक इजाफा हुआ. इसी बीच हटिया ग्रिड-1 के 50 एमवीए ट्रांसफॉर्मर नंबर-1 में दोबारा खराबी आने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई. सामान्य दिनों में हटिया ग्रिड-1 से करीब 125 मेगावाट बिजली मिलती है, लेकिन फिलहाल करीब 85 मेगावाट ही आपूर्ति हो रही है. यानी करीब 40 मेगावाट बिजली की कमी हो गई है.

इसका असर राजधानी के रातू रोड, पिस्का मोड़, आईटीआइ, कांके, बेड़ो, नगड़ी, रिंग रोड, दलादली और लापुंग समेत कई बड़े इलाकों की बिजली आपूर्ति पर पड़ रहा है. बिजली की उपलब्धता कम होने के कारण इन क्षेत्रों में कटौती और आपूर्ति बाधित होने की स्थिति बन रही है.

अरगोड़ा और धुर्वा में भी लाइन शिफ्टिंग के कारण शटडाउन

मंगलवार को अरगोड़ा और धुर्वा के 33 केवी सबस्टेशनों में लाइन शिफ्टिंग का काम किया गया. इसके लिए शटडाउन लिया गया था. इसके अलावा कांके ग्रिड से राजभवन 33 केवी पावर सबस्टेशन को मिलने वाली बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही. एक साथ कई स्तर पर आपूर्ति प्रभावित होने से राजधानी में बिजली संकट और बढ़ गया.

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30 से 40 मेगावाट तक कमी की आशंका

झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर के मेंटेनेंस के दौरान अगर धूप तेज रही, तो राजधानी की बिजली आपूर्ति में करीब 30 से 40 मेगावाट तक की कमी हो सकती है. हटिया ग्रिड के चार बड़े 50 एमवीए ट्रांसफॉर्मरों से सामान्य तौर पर शहर को करीब 120 से 150 मेगावाट बिजली मिलती है. ऐसे में एक ट्रांसफॉर्मर के बंद रहने का सीधा असर बड़े इलाके की बिजली आपूर्ति पर पड़ रहा है.

10 दिनों से चल रहा है मरम्मत का काम

हटिया 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन के 50 एमवीए ट्रांसफॉर्मर नंबर-1 में खराबी आने के बाद पिछले 10 दिनों से मरम्मत का काम चल रहा है. ट्रांसफॉर्मर में ऑयल फिल्टरेशन, पीआइ वैल्यू में सुधार और हाफ मेन बस की मरम्मत समेत अन्य तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं. मेंटेनेंस के दौरान ग्रिड से जुड़े 33 केवी सबस्टेशनों को पूरी क्षमता से बिजली नहीं मिल पाएगी. ऐसे में आने वाले दिनों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने की आशंका है. अगर तापमान और बढ़ता है और बिजली की मांग में इजाफा होता है, तो राजधानी में बिजली संकट और गहरा सकता है.

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By Bipin kumar singh

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