Political news : कार्यमंत्रणा समिति के गठन पर सत्ता पक्ष के प्रदीप ने उठाये सवाल, हुआ संशोधन

विधानसभा का मॉनसून सत्र. विशेष आमंत्रित सदस्य बनाये जाने पर थी आपत्ति.

रांची.

विधानसभा में पहली बार कार्यमंत्रणा समिति को लेकर सत्ता पक्ष ने ही सवाल उठाया. मॉनसून सत्र के पहले दिन स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने सत्र के सफल संचालन के लिए कार्यमंत्रणा समिति का गठन करने की घोषणा की. इस समिति के सभापति खुद स्पीकर होते हैं. वहीं सीएम, संसदीय कार्यमंत्री, पार्टी विधायक दल के नेता व अन्य वरीय विधायक शामिल किये जाते हैं.

राजेश कच्छप को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया

स्पीकर ने घोषणा की थी कि समिति में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया. इस पर श्री यादव ने सदन के अंदर ही सवाल उठा दिये. उनका कहना था कि कार्यमंत्रणा में अलग-अलग पार्टियों के विधायक दल के नेता शामिल होते हैं. सदन में कांग्रेस तीसरी बड़ी पार्टी है. ऐसे में मुझे विशेष आमंत्रित सदस्य कैसे बनाया गया है. सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आहूत थी. श्री यादव के आग्रह पर स्पीकर ने समिति के गठन में संशोधन कराया. कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव सदस्य बनाये गये और विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया.

कार्यमंत्रणा समिति में कौन-कौन

सभापति : रबींद्र नाथ महत���. सदस्य : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर, प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, जदयू विधायक सरयू राय, झामुमो विधायक निरल पूर्ति व माले विधायक अरूप चटर्जी. विशेष आमंत्रित सदस्य : मंत्री दीपक बिरुआ, विधायक मथुरा प्रसाद महतो, सीपी सिंह, स्टीफन मरांडी, राजेश कच्छप, सुरेश पासवान, नवीन जायसवाल, बसंत सोरेन, डॉ नीरा यादव, कल्पना सोरेन, निर्मल महतो व जयराम महतो.

छह को दूसरी पाली में अतिवृष्टि से क्षति पर चर्चा

छह अगस्त को विधानसभा में दूसरी पाली में अतिवृष्टि से राज्यभर में हुई क्षति पर चर्चा की जायेगी. दो घंटे की विशेष चर्चा में पक्ष-विपक्ष अपनी बातें रखेगा. पहले दिन कार्यमंत्रणा की बैठक में इस पर मुहर लगायी गयी. बैठक में तय हुआ कि राज्य के लिए यह गंभीर विषय है. किसानों को हित में इस पर चर्चा होनी चाहिए. इसके साथ ही किसी एक दिन सदन की कार्यवाही एक घंटे अतिरिक्त चलाने को लेकर भी सहमति बनी. सदन में ध्यानाकर्षण के कई सवाल छूट जाते हैं. पांच दिनों के सत्र में किसी एक दिन पहली पाली में सदन की कार्यवाही सुबह 10 बजे से ही आहूत करने का निर्णय लिया गया.

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Published by: Rajiv kumar

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