पूजा पंडालों में बिजली सुरक्षा के सख्त निर्देश, दो अर्थिंग अनिवार्य; ऊर्जा विभाग ने जारी किया गाइडलाइन

पूजा पंडालों में बिजली सुरक्षा के लिए ऊर्जा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश. पंडालों में दो अर्थिंग और ओवरहेड लाइन से दूरी रखना अब अनिवार्य है.

रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट

गणेश पूजा, करमा पूजा, दुर्गा पूजा, दीपावली एवं छठ पूजा-2026 के अवसर पर पूजा पंडालों में विद्युत व्यवस्था को लेकर ऊर्जा विभाग के विद्युत निरीक्षणालय, रांची ने आयोजकों के लिए सुरक्षा निर्देश जारी किये हैं. विभाग ने कहा है कि पंडालों में अस्थायी विद्युतीकरण का कार्य भारतीय विद्युत नियमावली और रेगुलेशन में निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जाये.

जारी सूचना में कहा गया है कि प्रत्येक पूजा पंडाल में कम से कम दो अर्थिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करायी जाये. पंडाल में लगाये गये सभी विद्युत उपकरणों और धातुनिर्मित संरचनाओं को उचित तरीके से अर्थिंग से जोड़ा जाये. विद्युत नियंत्रण कक्ष और पैनल को ऐसी जगह स्थापित करने को कहा गया है, जहां श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं हो और विद्युतकर्मी आसानी से वहां पहुंच सकें. नियंत्रण कक्ष के बाहर बोर्ड भी प्रदर्शित करना होगा.

अंडरसाइज तार के इस्तेमाल पर रोक

विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्युत लोड के अनुरूप ही तार का साइज निर्धारित किया जाये. किसी भी स्थिति में अंडरसाइज तार का इस्तेमाल नहीं किया जाये. जनरेटर का अधिष्ठापन नियमानुसार करने तथा उसकी क्षमता के अनुरूप मेन स्विच और चेंजओवर स्विच का इस्तेमाल करने को कहा गया है. ट्रांसफॉर्मर और एबी स्विच से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने की हिदायत दी गयी है.

बिजली के लिए थ्री-पिन प्लग और सॉकेट का इस्तेमाल करने तथा स्विच बोर्ड और तार को बच्चों की पहुंच से दूर रखने को कहा गया है.

ओवरहेड बिजली लाइनों से सुरक्षित दूरी पर हो पंडाल

पंडाल और गेट को ओवरहेड बिजली लाइनों से सुरक्षित दूरी पर रखने का भी निर्देश दिया गया है. रोड क्रॉसिंग की स्थिति में तारों को जीआइ बीयरर वायर के साथ उचित ऊंचाई पर ले जाने को कहा गया है, ताकि वाहनों के आवागमन में बाधा नहीं हो. संभव होने पर रोड क्रॉसिंग भूमिगत केबल से करने की सलाह दी गयी है.

नियंत्रण कक्ष में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य

विद्युत नियंत्रण कक्ष में रबर मैट, अग्निशामक यंत्र, सूखी बालू से भरी बाल्टी, विद्युत शॉक ट्रीटमेंट चार्ट, प्राथमिक उपचार बॉक्स, खतरे की मानक तख्ती और रबर हैंड ग्लव्स रखना अनिवार्य किया गया है. कटे-छंटे तार का इस्तेमाल नहीं करने तथा तारों के जोड़ को इंसुलेटिंग टेप से अच्छी तरह लपेटने को कहा गया है. कट-आउट और फ्यूज में सही साइज के फ्यूज तार लगाने का निर्देश दिया गया है.

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अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाने का निर्देश

पंडाल परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनाने तथा विद्युत कार्य में केवल आइएसआइ मार्क वाले विद्युत उपकरण और सामग्री का इस्तेमाल करने को कहा गया है. विद्युतीकरण का काम विद्युत ठेकेदार अनुज्ञा-पत्रधारी व्यक्ति से ही कराने तथा पूरे पूजा अवधि के लिए अधिकृत विद्युत पर्यवेक्षक रखने का निर्देश दिया गया है.

विद्युत भार की स्वीकृति के बाद ही करें विद्युतीकरण

विद्युत निरीक्षणालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से विद्युत भार की स्वीकृति मिलने के बाद ही पूजा पंडालों में विद्युतीकरण और विद्युत सजावट का कार्य किया जाये. विभाग ने आयोजकों से बिजली का सही इस्तेमाल कर जीवनदायिनी बिजली को जानलेवा और गलत इस्तेमाल को प्राणघातक बनने से रोकने की अपील की है.

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By Sunil Choudhary

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