आरओबी शिलान्यास के बीत गये ढाई वर्ष, निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से परेशानी

मैक्लुस्कीगंज में रेलवे फाटक गेट ज्यादातर समय बंद रहने व रेलवे ओवर ब्रिज नहीं बनने से राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

रोहित कुमार, मैक्लुस्कीगंज.

मैक्लुस्कीगंज में रेलवे फाटक गेट ज्यादातर समय बंद रहने व रेलवे ओवर ब्रिज नहीं बनने से राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई बार रेल के गुजरने के बाद भी टेक्निकल फॉल्ट रहने से काफी देर तक गेट नहीं खुलता है. जिससे स्कूल बसें, राहगीरों सहित एंबुलेंस देर तक फंसे रह जाते हैं. मुख्य पथ पर बने रेलवे फाटक नंबर 8/ए/टी पर लगे इंटर लॉकिंग गेट है. मैक्लुस्कीगंज में सोमवार, मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार व रविवार को साप्ताहिक बाजार रहने से भीड़ बढ़ जाती है. फाटक बंद रहने से वाहनों की लंबी जाम लग जाने से राहगीरों को दिक्कत होती है. राजधर साइडिंग के लिए रैक लगने पर लगभग आधा घंटा तक फाटक बंद रहता है. किसी तरह से गेट खुलता भी है तो आमने-सामने जाने वालों की कतार रहती है. किसी तरह जाम को हटाया जाता है. ज्ञात हो कि एंग्लो इंडियन गांव मैक्लुस्कीगंज पर्यटन के साथ साथ एजुकेशन हब भी है. पूरे राज्य से छात्र गंज में रहकर पठन-पाठन करते हैं. उधर मुख्य पथ रहने से कोल परियोजनाओं से एंबुलेंस का भी आवागमन होता है. मैक्लुस्कीगंज, आसपास के ग्रामीणों व शिक्षाविदों ने जल्द-से-जल्द ओवर ब्रिज बनाने की मांग की है.

आरओबी के शिलान्यास के लगभग ढाई साल बीतने के बाद भी शुरू नहीं हुआ निर्माण कार्य : रेलवे फाटक में रेल ओवर ब्रिज निर्माण किये जाने को लेकर लगभग ढाई वर्ष पूर्व 10 दिसंबर 2023 को रांची सांसद सह रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, पूर्व विधायक समरीलाल ने रेलवे अधिकारियों की उपस्थिति में आरओबी निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था. 32 करोड़ की लागत से दो वर्षों में आरओबी का निर्माण कराने की बात कही थी. लेकिन दावे धरे के धरे रह गये. जिससे एंग्लो समुदाय सहित स्थानीय ग्रामीणों व राहगीरों में नाराजगी है.

क्षेत्र के प्रमुख लोगों की टिप्पणी :

फ़ोटो 3 – डॉ ईशानी सिंह, चिकित्सा पदाधिकारी मैक्लुस्कीगंज.

फाटक बंद रहने से मेरे साथ-साथ राहगीरों, विद्यार्थियों व महिलाओं, मरीजों को भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. उक्त गेट पर ओवर ब्रिज का निर्माण अतिआवश्यक है.

फ़ोटो 4 – एंग्लो समुदाय के ऐशली गोम्स.

भूतपूर्व एंग्लो इंडियन प्रेसिडेंट स्व जुडी मेडोंका के बेटे ऐशली गोम्स ने कहा कि मालवाहक ट्रेनों के परिचालन के चलते पिछले एक दशक से समस्या बढ़ गयी है. ज्यादातर समय राहगीरों व स्थानीय ग्रामीणों का बंद फाटक पर ही गुजर रहा है. आरओबी का निर्माण जल्द होना चाहिए.

फ़ोटो 5 – सेवानिवृत्त अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रशिक्षक, शेखर बोस.

ज्यादातर समय रेलवे फाटक बंद रहने से सभी वर्गों के लोगों को परेशानी होती है. बैंक आने-जाने वालों, विद्यार्थियों, व्यवसायियों, मजदूरों, पर्यटकों को भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. कहा कि आरओबी का निर्माण जल्द होना चाहिए.

फ़ोटो 1 – मैक्लुस्कीगंज बंद रेवले फाटक व लगी जाम.

फ़ोटो 2 – आराओबी के शिलान्यास का शिलापट्ट.B

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