झारखंड में पारा शिक्षकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की हो रही तैयारी, शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत को लिखा पत्र

पिछले पांच वर्ष के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में आंदोलन करनेवाले पारा शिक्षकों पर दर्ज किये गये मुकदमे वापस लिये जा सकते हैं. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत को पत्र लिख कर इस संदर्भ में विचार करने का आग्रह किया है.

रांची : पिछले पांच वर्ष के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में आंदोलन करनेवाले पारा शिक्षकों पर दर्ज किये गये मुकदमे वापस लिये जा सकते हैं. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत को पत्र लिख कर इस संदर्भ में विचार करने का आग्रह किया है. शिक्षा मंत्री ने अपने पत्र में लिखा है : पिछले पांच वर्ष के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करनेवाले पारा शिक्षकों पर मुकदमे दर्ज किये गये हैं.

जनहित में आंदोलनकारी पारा शिक्षकों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी वापस लिया जाना उचित प्रतीत होता है. अनुरोध है कि आंदोलनकारी पारा शिक्षकों पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने के संबंध में उचित कार्रवाई करने की कृपा की जाये. गौरतलब है कि एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा काफी दिनों से मुकदमा वापस लेने की मांग कर रहा है.

पूरे राज्य में 500 से ज्यादा पारा शिक्षकों पर हुआ था मुकदमा : वर्ष 2018 में पारा शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था. राजधानी रांची में 292 पारा शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज किया गया था. इनमें 36 महिला पारा शिक्षक भी शामिल थीं. वहीं, पूरे राज्य में करीब 500 पारा शिक्षकों पर मामले दर्ज हुए थे. पारा शिक्षक संघ के कई नेता जेल गये थे. आंदोलन समाप्त होने के बावजूद अब तक पारा शिक्षक नेताओं पर चल रहा मुकदमा वापस नहीं लिया गया है.

Post by : Pritish Sahay

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By Prabhat Khabar News Desk

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