रांची. दुर्गा पूजा के दौरान राजधानी की बिजली आपूर्ति और व्यवस्था को सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन सिस्टम (स्काडा) के जरिये 24 घंटे मॉनिटर किया जायेगा. खासकर राजधानी के उन 44 पावर सबस्टेशनों को, जहां यह सिस्टम पूरी तरह से कनेक्टेड है. इस सिस्टम से बिजली व्यवस्था कंट्रोल करने की योजना है. पूजा के दौरान लाइन या ट्रांसफार्मर में खराबी आने पर घंटों बिजली गुल नहीं रहेगी, बल्कि वैकल्पिक व्यवस्था से पलक झपकते ही बिजली आपूर्ति सुचारू हो जायेगी. कर्मियों ने कहा कि इस व्यवस्था के जरिये फॉल्ट ठीक होने में कम वक्त लगेगा, व्यवस्था की प्रभावी मॉनिटरिंग भी होगी. यह भी पता चलेगा कि कहां सबसे ज्यादा बिजली की खपत हो रही है और कहां सबसे कम. स्काडा एक हाइटेक प्रणाली है, जो प्राप्त डेटा को ऑपरेटर के स्क्रीन पर प्रदर्शित करेगी. पावर एम्पीयर डाउन होने की सूचना फौरन उपलब्ध होगी. रांची के किसी एरिया में फॉल्ट आने पर उसकी जानकारी तुरंत कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखने लगेगी. स्क्रीन पर आये इंफार्मेशन पर यह भी दिखेगा कि किस कोड नंबर के आरएमयू वाले क्षेत्र में फाल्ट है. इस दौरान वहां तैनात कंट्रोल अफसर एरिया से संबंधित अभियंता को इसकी सूचना देगा और जब तक फाल्ट दूर नहीं हो जायेगी तब तक मानीटरिंग करता रहेगा. हालांकि, स्काडा कंट्रोल सेंटर पूरी तरह काम नहीं कर रहा है. इससे पूरी और सटीक जानकारी कमांड सेंटर तक नहीं पहुंच पा रही है. कमांड सेंटर का मुख्य स्क्रीन काम नहीं कर रहा है. कोकर डिवीजन सहित कुछ सबस्टेशनों के कंप्यूटर सिस्टम पिछले कुछ वक्त से खराब हैं. स्काडा कंट्रोल सेंटर के टेक्निकल असिस्टेंट अनिल कुमार ने कहा कि पूजा के दौरान स्काडा सिस्टम का उपयोग बिजली सबस्टेशन में उपकरण या संयंत्र की निगरानी और नियंत्रण के लिए किया जा रहा है. इस प्रणाली के तहत दूर के टर्मिनल के साथ ही संयंत्र में फील्ड की जानकारी या डेटा को स्काडा सिस्टम से जुड़े कंप्यूटर में भेजा जायेगा. इसके बाद वहां के बिजली बंद रहने की सूचना संबंधित अधिकारियों को भेज दी जायेगी.
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