बंगाल से आलू की सप्लाई रोके जाने के बाद एक्शन में हेमंत सोरेन, मुख्य सचिव को दिये निर्देश

Potato Crisis: पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से आलू की सप्लाई रोके जाने के बाद रविवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक्शन में आए. क्या कदम उठाया, जानें.

Potato CrisisIssue: पश्चिम बंगाल की ओर से आलू के वाहनों को सीमा पर रोके जाने के मामले का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया है. झारखंड के मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस संबंध में तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर झारखंड की सीएस ने बंगाल से की बात

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्य सचिव अलका तिवारी से कहा है कि इस मामले का हल तत्काल निकालें. सीएम का निर्देश मिलते ही सीएस ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत से बात की और इस मामले का हल निकालने के लिए कहा.

आलू की सप्लाई से जुड़े मामले के हल के लिए बंगाल में बनेगी कमेटी

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव ने झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी को भरोसा दिलाया है कि जल्द ही एक कमेटी का गठन करके आलू की सप्लाई रोके जाने के मामले का निष्पादन किया जाएगा. पश्चिम बंगाल ने आलू के ट्रकों को झारखंड जाने से रोक दिया, जिसकी वजह से आलू की कीमतें बढ़ गईं हैं.

ग्राहक ऊंची कीमत से परेशान, आलू सड़ने से व्यवसायी परेशान

दूसरी ओर, आलू को सीमा पर रोके जाने की वजह से ट्रक में आलू सड़ने लगे हैं. एक ओर झारखंड के आम लोग आलू की ऊंची कीमतों से परेशान हैं, तो दूसरी ओर आलू व्यापारी भी नुकसान झेलने को विवश हैं. बंगाल सरकार ने कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए अन्य राज्यों को आलू की सप्लाई बंद कर दी है.

Also Read

झारखंड में पश्चिम बंगाल से आलू आना बंद, सीमाएं सील, खुदरा बाजार में 20 से अब हुआ 35-40 रु/किग्रा

बंगाल सरकार ने आलू के निर्यात पर लगा दी रोक, मिहिजाम में बढ़े दाम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >