पोप संत फ्रांसिस 24 दिसंबर को संत पेत्रुस बासिलिका का पवित्र द्वार खोलेंगे, शहर का किया जा रहा सुंदरीकरण

पोप संत फ्रांसिस 24 दिसंबर 2024 को संत पेत्रुस बासिलिका के पवित्र द्वार को खोलकर जुबली वर्ष की घोषणा करेंगे. इसे लेकर पूरे रोम शहर का सुंदरीकरण किया जा रहा है.

रांची, (फा सुशील टोप्पो, रोम से): आगमन काल (एडवेंट) रोम में एक ऐसा समय होता है, जब शहर में एक विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक माहौल बना होता है. रोम स्थित वेटिकन सिटी, जो कैथोलिक चर्च का केंद्र है, इस समय पूरी तरह धार्मिक आयोजनों, प्रार्थनाओं और उत्सवों से सराबोर है. यह वर्ष और भी विशेष है क्योंकि संत पिता फ्रांसिस 24 दिसंबर 2024 की शाम सात बजे संत पेत्रुस बासिलिका के पवित्र द्वार को खोलकर जुबली वर्ष की घोषणा करेंगे. पूरे रोम शहर का सुंदरीकरण किया जा रहा है. साथ ही पूरे शहर में सजे हुए चर्च, आभायुक्त गलियां और प्राचीन मठों की खामोशी में एक अदभुत शांति महसूस हो रही है.

सुबह और शाम संत पेत्रुस बैसिलिका में हो रही है पवित्र मिस्सा पूजा

एडवेंट के दौरान रोम के मठों और चर्चों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं. हर सुबह और शाम, संत पेत्रुस बैसिलिका में पवित्र मिस्सा पूजा हो रही है, जिसमें संत पापा फ्रांसिस और चर्च के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति होती है. इस समय रोम के चर्चों में क्रिसमस की सजावट की जाती है. मोमबत्तियां जलती हैं और ख्रीस्त के जन्म की याद में विशेष पूजा-अर्चना होती है.

सेंट पीटर्स स्क्वायर का खास आकर्षण

रोम के सेंट पीटर्स स्क्वायर में एडवेंट के दौरान एक विशाल नेटिविटी सीन (चरनी) और क्रिसमस ट्री सजाये जाते हैं, जो शहर के सबसे प्रमुख आकर्षणों में से होते हैं. इस चरनी में यीशु के जन्म की कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाता है. ठीक बासिलिका के बगल में विभिन्न देशों द्वारा बनाये गये 100 से अधिक चरनी प्रदर्शित होते हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करते हैं.

चर्चों की भव्य सजावट

रोम के अन्य चर्चों में भी क्रिसमस से जुड़ी कला और चरनी की प्रदर्शनी लगायी जाती है. ये कला के अद्भुत नमूने होते हैं, जो न सिर्फ धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक होते हैं, बल्कि रोम की सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतिनिधित्व करते हैं.

आध्यात्मिकता का माहौल

एडवेंट का समय रोम में गहरे आध्यात्मिक परिवेश में मनाया जाता है, जिसमें विश्वासियों को प्रार्थना, ध्यान और उपवास के माध्यम से आध्यात्मिक रूप से तैयार होने के लिए प्रेरित किया जाता है. संत पापा फ्रांसिस के प्रेरणादायक संदेशों में शांति, प्रेम और आशा का महत्व प्रमुख रहता है, जो न केवल रोम बल्कि पूरी दुनिया के ईसाइयों के दिलों को छूता है.

रोम की सजावट और खुशी का माहौल

एडवेंट के दौरान रोम के सार्वजनिक स्थानों, गलियों और होटलों को विशेष रूप से सजाया गया है. हर गली में चमकती हुए बत्तियां और ख्रीस्त के जन्म के विभिन्न दृश्य दर्शाने वाली सजावटें एक जीवंत त्योहार का एहसास कराती हैं.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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