बालासोर में छात्रा की आत्महत्या मामले में झारखंड में शुरू हुई राजनीति, झामुमो-भाजपा आमने-सामने

Political News: ओडिशा के बालासोर जिले में एक बीएड की छात्रा की आत्महत्या के मुद्दे पर झारखंड की राजनीति गरमा गयी है. झामुमो ने भाजपा पर महिला सुरक्षा की अनदेखी करने का आरोप लगाया, तो झारखंड भाजपा ने भी पलटवार किया. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि झामुमो ‘घिनौनी सेलेक्टिव पॉलिटिक्स’ कर रहा है. भाजपा प्रवक्ता और झामुमो प्रवक्ता ने क्या-क्या कहा, यहां पढ़ें.

Political News: ओडिशा के बालासोर में बीएड की एक छात्रा की आत्महत्या के मामले पर झारखंड में राजनीति गरमा गयी है. झामुमो और भाजपा के बीच वार-पलटवार शुरू हो गया है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने प्रेस वार्ता करके बीजेपी को ‘बेटी जलाओ पार्टी’ के नाम से संबोधित करने का ऐलान किया, तो इस पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. भाजपा ने इसे ‘गिद्ध राजनीति’ का जघन्य उदाहरण करार दिया. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि झामुमो अब अपनी नैतिकता और संवेदनशीलता दोनों खो चुका है. चुनिंदा घटनाओं पर शर्मनाक ढंग से सियासी रोटियां सेंकने में जुट गया है.

‘घिनौनी सेलेक्टिव पॉलिटिक्स’ पर उतरा झामुमो – अजय साह

अजय साह ने दो टूक कहा कि झामुमो अब ‘घिनौनी सेलेक्टिव पॉलिटिक्स’ पर उतर चुका है, जहां पार्टी की आंखें और ज़ुबान तब बंद रहती है, जब अपराधी उनके गठबंधन से होते हैं, लेकिन जैसे ही भाजपा शासित राज्य में कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटती है, वे गिद्ध की तरह मौके पर राजनीति करने आ धमकते हैं.

बंगाल की घटनाओं पर कुछ नहीं बोला झामुमो – अजय साह

भाजपा प्रवक्ता ने याद दिलाया कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जब छात्रा से दुष्कर्म के बाद आंदोलित थे, तब झामुमो की पूरी लीडरशिप चुप थी. कोलकाता लॉ कॉलेज में इंडी गठबंधन के छात्र नेता पर गैंगरेप के गंभीर आरोप लगे, तब भी झामुमो ने एक शब्द नहीं बोला. भाजपा नेता ने पूछा, ‘क्या झामुमो के लिए अपराध की गंभीरता अपराधी की पार्टी से तय होती है?’

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भाजपा प्रवक्ता बोले- झारखंड को बर्बाद कर चुका है झामुमो

भाजपा प्रवक्ता ने झामुमो की राजनीतिक प्राथमिकताओं पर करारा वार करते हुए कहा कि जो पार्टी झारखंड को बर्बाद कर चुकी है, अब उन राज्यों की घटनाओं पर सियासत कर रही है, जहां उसकी कोई जवाबदेही नहीं है. उन्होंने कहा कि पलामू के शेल्टर होम में नाबालिग लड़की ने खुलेआम आरोप लगाया कि एक अधिकारी उस पर ‘खुश करने’ का दबाव बना रहा था, लेकिन पूरा सरकारी सिस्टम उस अधिकारी को बचाने में जुट गया.

‘लातेहार के स्कूल में यौन शोषण मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई’

लातेहार स्कूल में हुई यौन शोषण की घटना पर भी भाजपा ने सरकार पर जमकर हमला बोला. अजय साह ने कहा कि 3 दिन बीतने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार में महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा देने वाली पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. राज्य महिला आयोग का गठन तक नहीं हुआ. सीडब्ल्यूसी जैसी संस्थाएं कागजों पर हैं और महिला थाने सिर्फ नेमप्लेट की शोभा.

ओडिशा की घटना के आरोपियों पर होगी कड़ी कार्रवाई – अजय

अजय साह ने साफ किया कि भाजपा की सरकार ओडिशा की घटना को लेकर किसी भी आरोपी को नहीं बख्शेगी. सबसे सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. उन्होंने झामुमो को आईना दिखाते हुए कहा कि पहले उस राज्य की जिम्मेदारी निभाएं, जहां की जनता ने उन्हें वोट देकर सत्ता सौंपी है. फिर दूसरों को नसीहत दें.

बीजेपी को अब ‘बेटी जलाओ पार्टी’ कहकर संबोधित करेंगे

इससे पहले झामुमो केंद्रीय कमेटी के महासचिव और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश के जिस किसी राज्य में बीजेपी की सरकार बनी है, वहां महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गयी है. वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘बेटी बचाओ, बेढ़ी पढ़ाओ’ का नारा दिया था. अब यह पार्टी बेटी जलाओ पार्टी बन गयी है. इस पार्टी को अब हमलोग इसी नाम से संबोधित करेंगे.

सुप्रियो ने महिला के खिलाफ अपराध वाले राज्यों के नाम गिनाये

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि यह मामला सिर्फ ओडिशा के बालासोर का नहीं है. उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और मणिपुर सब जगह ऐसी घटनाएं हो रहीं हैं. हाथरस, कठुआ, मुज्फ्फरपुर और सीकर की घटनाओं को लोग अभी तक नहीं भूले हैं. पहलवान बेटियों से दुर्व्यवहार करने वाले के बेटे को बीजेपी चुनाव का टिकट देती है.

Political News: बालासोर की बेटी को न्याय कौन दिलायेगा

झामुमो प्रवक्ता ने कहा कि यह साधारण घटना नहीं है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा से हैं. देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा से आते हैं. इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री खामोश हैं. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन मांझी खामोश हैं. देश की एक बेटी की जान चली गयी, लेकिन किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. आखिर बालासोर की बेटी को न्याय कौन दिलायेगा. उनसे जब लातेहार और चतरा में हुई घटनाओं के बारे में पूछा गया, तो सुप्रियो ने कहा कि दोनों मामले में संज्ञान लिया गया है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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