Ranchi News : पावर कट और चालान काटे जाने से जनता परेशान : संजय सेठ

संजय सेठ ने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए सरकार को सख्त होना चाहिए, लेकिन सख्ती की आड़ में आम जनता के साथ बर्बरता नहीं होनी चाहिए.

रांची. पावर कट से राजधानी रांची की जनता परेशान है. ट्रांसफाॅर्मर नहीं मिल पा रहे हैं. बिजली तार और पोल की समस्या से लोग परेशान हैं. नियमित रूप से नागरिकों को बिजली बिल मिले, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित हो. ससमय बिल नहीं मिलने से परिवारों पर बिल का अतिरिक्त बोझ पड़ता है. यह बात केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कही. वह शनिवार को रांची स्थित अपने केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.

चालान काटना जनता का दोहन

श्री सेठ ने कहा कि चालान काटना जनता का दोहन और शोषण करने जैसा है. ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए सरकार को सख्त होना चाहिए, लेकिन सख्ती की आड़ में आम जनता के साथ बर्बरता नहीं होनी चाहिए. जिस तरह से चालान काटा जा रहा है, यह विशुद्ध रूप से जनता का दोहन और शोषण करने जैसा है. दोपहिया वाहनों पर 30-30 हजार रुपये के चालान मिल रहे हैं. सरकार ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करे और एक कैंप लगाकर इतने बड़े पैमाने पर जो चालान काटे गये हैं, उसमें रियायत दे और समाधान करे. यहां कई परिवार हैंड टू माउथ हैं. ऐसे परिवारों का ख्याल रखना चाहिए. एक तरफ मंईयां योजना का प्रचार कर रहे हैं और दूसरी तरफ ऐसे परिवारों के सिर पर चालान का बोझ दे रहे हैं.

नशाखोरी का हब बनती जा रही रांची

केंद्रीय मंत्री ने नशाखोरी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि रांची में ब्राउन शुगर का मामला बहुत तेजी से बढ़ रहा है. जिस अनुपात में पुलिस कार्रवाई कर रही है, उससे कई गुना अधिक अनुपात में इसकी खरीद-बिक्री हो रही है. रांची शहर नशाखोरी का हब बनता जा रहा है. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. इसके लिए अलग से टीम का गठन हो, जो ऐसी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई करे.

आतंकवाद और नक्सलवाद पर जारी रहेगा प्रहार

रक्षा राज्यमंत्री ने एक बार पुनः दोहराया कि आतंकवाद और नक्सलवाद पर मोदी सरकार का स्टैंड क्लियर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन दोनों ही ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से हमने आतंक के आकाओं की कमर तोड़ी है. श्री सेठ के साथ पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारू भी मौजूद थे.

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By RAJIV KUMAR

RAJIV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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