रांची : राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की मांग को सुनने और उस पर फैसला लेने का स्वागत किया है. हालांकि, उन्होंने सरकार से अपील की है कि आंदोलनरत छात्रों की शिकायतों का समाधान करते समय पहले से चयनित युवाओं के भविष्य पर भी सोचने और उस पर ठोस कार्रवाई करने की अपील की. नथवाणी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों का समाधान जरूरी है, लेकिन ऐसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए जिससे पहले से नौकरी कर रहे युवाओं का भविष्य अचानक खतरे में पड़ जाए. उनका कहना है कि रातोंरात नियुक्तियां रद्द करने या नौकरियों पर संकट पैदा करने से मामला आगे चलकर कानूनी विवाद में फंस सकता है. इससे लंबे समय तक अनिश्चितता और मानसिक तनाव की स्थिति बनी रहेगी. इसके लिए उन्होंने सरकार को खास सुझाव भी दिया है.
हेमंत सरकार को क्या दिया है सुझाव
विवाद का निष्पक्ष और स्थायी समाधान निकालने के लिए नथवाणी ने झारखंड सरकार के सामने दो विकल्प रखे हैं. उन्होंने सलाह दी कि सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच का आदेश दे. दूसरा विकल्प यह है कि जेएमएम, भाजपा, कांग्रेस और राजद समेत प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को शामिल कर तत्काल एक उच्चस्तरीय सर्वदलीय समिति गठित की जाए. नथवाणी के अनुसार, सर्वदलीय समिति भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर सकती है. इससे प्रदर्शन कर रहे छात्रों की जायज मांगों और शिकायतों का समाधान निकालने के साथ-साथ पहले से नियुक्त कर्मचारियों के रोजगार की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है.
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प्रक्रिया के तहत नौकरी हासिल करने वाले साथ न हो अन्याय: परिमल नथवाणी
नथवाणी ने कहा कि सरकार को ऐसा रास्ता अपनाना चाहिए, जिससे न्याय भी हो और उन युवाओं के साथ अन्याय भी न हो, जिन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा पास कर नौकरी हासिल की है. इससे विवाद का स्थायी समाधान निकालने में मदद मिलेगी और युवाओं के भविष्य पर अनिश्चितता भी समाप्त होगी.
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