सुजीत केशरी
रांची/पिठोरिया: झारखंड प्रदेश पंचायत सहायक संघ ने पंचायत सहायकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान और आठ सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. संघ के प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रदीप कुमार के नेतृत्व में सौंपे गये ज्ञापन में पंचायत सहायकों की लंबे समय से लंबित मांगों पर शीघ्र और सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया गया है.
सम्मान और सुविधाओं की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य सरकार ग्राम पंचायतों को सुदृढ़, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है. पंचायत सहायक सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, लाभुकों का डाटाबेस तैयार करने, जागरूकता अभियान, सामाजिक सहभागिता और योजनाओं के मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरी निष्ठा से कर रहे हैं. इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं.
संघ ने कहा कि वर्तमान में मिलने वाली 2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि महंगाई के इस दौर में परिवार के भरण-पोषण के लिए पर्याप्त नहीं है. आर्थिक तंगी के कारण पंचायत सहायकों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
ये हैं प्रमुख मांगें
संघ ने मुख्यमंत्री से आठ सूत्री मांगों पर जल्द निर्णय लेने का अनुरोध किया है. प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री के साथ 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की वार्ता, सम्मानजनक मानदेय लागू करना, प्रत्येक वर्ष ग्रामसभा अनुमोदन की अनिवार्यता समाप्त करना, पंचायत सचिव भर्ती में 70 प्रतिशत आरक्षण, मृत पंचायत सहायकों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति, नगर निगम एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में समायोजन, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा का लाभ तथा पंचायत सहायकों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग सेल का गठन शामिल है.
प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रदीप कुमार ने कहा कि पंचायत सहायकों की मांगों पर सरकार यदि सकारात्मक निर्णय लेती है तो राज्यभर के पंचायत सहायकों का मनोबल बढ़ेगा और वे ग्राम विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे.
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