झारखंड: ओरमांझी पार्क के शेर ‘वीरू’ की मौत, 2019 में लाया गया था गुजरात से

रांची के ओरमांझी पार्क में वीरू नामक शेर की मौत हो गयी. इसकी उम्र करीब 19 वर्ष थी. वह काफी वृद्ध हो चुका था. इस शेर को शक्करबाघ जू (जूनागढ़, गुजरात) से 2019 में बिरसा जैविक उद्यान में आदान-प्रदान योजना के तहत लाया गया था.

ओरमांझी (रांची), रोहित लाल: भगवान बिरसा जैविक उद्यान( ओरमांझी) में सुबह 3 बजे वीरू नामक शेर की मौत हो गयी. इसकी उम्र करीब 19 वर्ष थी. वह काफी वृद्ध हो चुका था और पिछले कुछ समय से खाना-पीना कम खा रहा था. जैविक उद्यान के पशु चिकित्सा पदाधिकारी के द्वारा निगरानी रखी जा रही थी और समय-समय पर आवश्यकता अनुसार इलाज किया जा रहा था. इस शेर को शक्करबाघ जू (जूनागढ़, गुजरात) से 2019 में बिरसा जैविक उद्यान में आदान-प्रदान योजना के तहत लाया गया था. मौके पर मौके पर उद्यान के मुख्य वन संरक्षक एवं निदेशक जब्बर सिंह, अशोक कुमार सिंह, सहायक वन संरक्षक, डॉ ओम प्रकाश साहु, पशु चिकित्सा पदाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.

सैंपल की होगी जांच

रांची के ओरमांझी पार्क में आज एक शेर की मौत हो गयी. वह 19 वर्ष का था. उसे 2019 में गुजरात से लाया गया था. हालांकि जैविक उद्यान के पशु चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा उसकी निगरानी की जा रही थी, लेकिन काफी कम खाना खा रहा था. मृत शेर वीरू का अंत्यपरीक्षण तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल द्वारा Dr M.K Gupta (HOD Pathology, रांची पशु चिकित्सा महाविद्यालय) के नेतृत्व में किया गया. जिसमें प्रथम दृष्ट्या अधिक उम्र के कारण Cardio-respiratory failure के कारण मृत्यु हुई है. गहन जांच के लिए शव के विभिन्न अंगों का सैंपल एकत्र किया गया, जिसे जांच के लिए IVRI, Bareli एवं रांची पशु चिकित्सा महाविद्यालय में भेजा जाएगा.

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मौके पर ये थे मौजूद

मौके पर उद्यान के मुख्य वन संरक्षक एवं निदेशक जब्बर सिंह, अशोक कुमार सिंह, सहायक वन संरक्षक, डॉ ओम प्रकाश साहु, पशु चिकित्सा पदाधिकारी, रामबाबु कुमार, वन क्षेत्र पदाधिकारी, जीव वैज्ञानिक विवेकानन्द कुमार एवं पार्थों तथा वनरक्षी ललन कुमार, मुकेश कुमार एवं अमित कुमार सहित संबंधित पशुपालक उपस्थित थे.

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लेखक के बारे में

Published by: Guru swarup mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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