डिफेंस
एक्सपो-2025.
डिफेंस एक्सपो के दूसरे दिन खेलगांव में सेमिनार में दिये अहम सुझाव
विशेषज्ञ वक्ताओं को रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने मोमेंटों देकर किया सम्मानित
रांची. इस्ट टेक सिम्पोजियम 2025 (डिफेंस एक्सपो) के दूसरे दिन खेलगांव स्टेडियम में शनिवार को सेमिनार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमइ) और झारखंड में डिफेंस कॉरिडोर विकास विषय पर संगोष्ठी हुई. इस दौरान पांच विशेषज्ञ वक्ताओं मेजर जनरल अरुण अग्रवाल, रिटायर्ड मेजर जनरल सुब्रतो साहा, एमएसएमइ के अधिकारी इंद्रजीत यादव, कमांडर पीके राय और अशोक कनौजिया ने अपने विचार रखे. वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य की एमएसएमइ इकाइयों को किस प्रकार राष्ट्रीय रक्षा विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में शामिल किया जा सकता है. विचार-विमर्श में डिजाइन, निर्माण, सप्लाई चेन इंटीग्रेशन और कौशल विकास जैसे अवसरों पर चर्चा की गयी. इसमें यह बात निकल कर आयी कि झारखंड रक्षा उत्पादन के लिए एक रणनीतिक केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता रखता है. इस संगोष्ठी को उद्योग जगत, युवा उद्यमियों और दर्शकों ने सराहा. इससे पहले उदघाटन के मौके पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने स्वदेशी समाधान, नवाचार और सामूहिक प्रगति की आवश्यकता पर बल दिया था. सेमिनार के समापन पर मुख्य पांच विशेषज्ञ वक्ताओं को रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने सम्मानित किया.विशेषज्ञों ने रक्षा राज्यमंत्री को दिये सुझाव
– झारखंड में भी डिफेंस पार्क का निर्माण कराया जाय.– डिफेंस सेक्टर के लिए उद्यमियों द्वारा बनाये जाने वाले प्रोडक्ट की क्वालिटी जांच के लिए बने डीआरडीओ का लैब.– जब तक रांची में डीआरडीओ का लैब नहीं बनता है तब तक संबलपुर स्थित डीआरडीओ के लैब में यहां के उद्यमियों के प्रोडक्ट की जांच प्राथमिकता के आधार पर कराने की व्यवस्था हो.
– कॉम्बटूर स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज की तर्ज पर यहां भी एक मंच होना चाहिए. डिफेंस सेक्टर के लिए सामग्री मनाने वालों को मिले मदद.– टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज की शाखा रांची में खोला जाये. इसकी तकनीक की मदद से उद्यमियों को मिलेगी मदद और युवाओं को रोजगार.
– गार्डेन रीच फैक्ट्री और एसइसी को उद्यमियों से जोड़ा जाय.उत्साह से भरा डिफेंस एक्सपो
स्वदेशी रक्षा उपकरणों को देखने के लिए 1500 से अधिक लोग आये. इनमें भारतीय सेना के अधिकारी, शिक्षाविद, विभिन्न कॉलेज और विद्यालयों के छात्र, एनसीसी कैडेट्स, पुलिसकर्मी और राज्य तंत्र के प्रतिनिधि शामिल थे. हॉल में लगे विभिन्न स्टॉल पर लाइव डेमॉस्ट्रेशन और उद्योग से जुड़ा संवाद चलता रहा. रक्षा बलों, उद्योग और नागरिक हितधारकों के बीच बढ़ती सहभागिता को दर्शा रहा था. छात्र हथियार को हाथ में लेकर फोटो खिंचवाते दिखे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
