अब एक के बजाय कुछ चुनिंदा स्टेशन पर रुकेगी ट्रेन

अब दूसरे राज्यों से मजदूूरों को लेकर आ रही ट्रेन किसी एक बड़े स्टॉपेज (रांची, हटिया व अन्य) के बजाय अपने रूट में अलग-अलग इलाके के चुनिंदा स्टेशनों पर भी रुकेगी. इससे विभिन्न जिलों के मजदूरों को घर भेजना आसान होगा. वहीं केंद्र की नयी गाइड लाइन के तहत अब ट्रेन जिस राज्य से आयेगी, उसी की जिम्मेवारी होगी कि वह मजदूरों की स्क्रिनिंग (जांच) करे. इसके अलावा मजदूर जिस राज्य के हैैं, उस राज्य को ट्रेन व उसमें बैठे मजदूरों संबंधी सूचना भी देनी है.

रांची : अब दूसरे राज्यों से मजदूूरों को लेकर आ रही ट्रेन किसी एक बड़े स्टॉपेज (रांची, हटिया व अन्य) के बजाय अपने रूट में अलग-अलग इलाके के चुनिंदा स्टेशनों पर भी रुकेगी. इससे विभिन्न जिलों के मजदूरों को घर भेजना आसान होगा. वहीं केंद्र की नयी गाइड लाइन के तहत अब ट्रेन जिस राज्य से आयेगी, उसी की जिम्मेवारी होगी कि वह मजदूरों की स्क्रिनिंग (जांच) करे. इसके अलावा मजदूर जिस राज्य के हैैं, उस राज्य को ट्रेन व उसमें बैठे मजदूरों संबंधी सूचना भी देनी है. यह जानकारी कोरोना से जुड़े मामलों के नोडल अधिकारी अमरेंद्र प्रताप सिंह ने प्रोजेक्ट भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने ट्रेन व बसों के जरिये अब तक 3.15 लाख मजदूरों को दूसरे राज्यों से वापस लाया है. इन सबकी स्क्रिनिंग की गयी है. वहीं वंदे भारत मिशन के तहत अब तक झारखंड के 18 लोग विदेश से वापस लाये गये हैं. इनमें 13 को गया एयरपोर्ट से झारखंड लाकर उन्हें पेड कोरेंटिन में रखा गया है, जबकि अन्य पांच लोग देश में अलग-अलग स्थानों में पेड कोरेंटिन में हैं.

इच्छुक प्रवासी को राज्स में लाया जा रहा वापस : अमिताभ कौशल आपदा प्रबंधन विभाग विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देश के बाद दूसरे राज्यों से लोगों को वापस झारखंड लाया जा रहा है. जो मजदूर आये हैं उनके लिए ग्रास रूट लेवल पर कार्य किये जा रहे हैं. सोशल पुलिसिंग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षे़त्रों में विशेष सतर्कता का आदेश सभी जिले के उपायुक्तों को दिया गया है. ग्राम प्रमुख, मुखिया,आंगनवाड़ी सेविका, सहिया, चौकीदार, स्कूल कमिटी, शिक्षक को घर-घर तक जानकारी पहुंचाने और उन्हें कोरोना वायरस से बचाव के क्रम मे कैसे रहना है, यह बताने को प्रेेरित किया जा रहा है. पैदल मजदूरों को रोकें, हम लायेंगे उन्हें श्री सिंह ने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव ने अन्य प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र भेज कर कहा है कि वैसे झारखंडी मजदूर जाे पैदल चलते हुए दिखे, उन्हें वहीं रोककर हमें सूचित करेें. हम बस सहित अन्य माध्यम से उन्हें वापस लायेंगे. मजदूरों पर जो भी खर्च होगा, वह सरकार करेगी.

अब तक 103 ट्रेनें आयी, 84 और आयेगी : परिवहन सचिवपरिवहन सचिव के. रवि कुमार ने कहा कि बसों से अब तक एक लाख से कुछ अधिक लोग राज्य में वापस आये है. जबकि 103 ट्रेनों के जरिये दूसरें राज्यों से अब तक करीब 1.38 लाख प्रवासी मजदूर झारखंड आ चुके है. जबकि 84 ट्रेन आैर आने की सूचना मिली है.

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By Prabhat khabar news desk

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