Ranchi news : कोई भी ताकत गुरुजी को निर्णय लेने में प्रभावित नहीं कर सकता था
यहां के लोगों या राज्य हित में जो बेहतर होता, वही निर्णय लेते थे.
By DEEPESH KUMAR | Updated at :
डॉ डीके तिवारी, पूर्व मुख्य सचिव
रांची. राज्य गठन के पहले से ही गुरुजी से जुड़ाव रहा. राज्य गठन के पहले जब जैक का गठन हुआ था, तब भी उनके साथ काम करने का मौका मिला. राज्य गठन के बाद जब गुरुजी ने सत्ता संभाली, तब भी उनके साथ काम किया. जैक अध्यक्ष के रूप में हों या राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं, उन्हें राज्य हित में कोई भी फैसला लेने से कोई रोक नहीं सकता था. हमने नजदीक से देखा. कोई बड़ा उद्योगपति हो या कोई और हो, उन्हें निर्णय लेने में प्रभावित नहीं कर सकता था. यहां के लोगों या राज्य हित में जो बेहतर होता, वही निर्णय लेते थे. यहां के आदिवासियों व गरीबों के हितों को वह प्राथमिकता देते थे, इसी आधार पर निर्णय लेते थे और अफसरों को भी इस पर काम करने का सुझाव देते थे. अक्सर हमें कहते थे कि राज्य की बात हो, तो किसी की नहीं सुनें, बल्कि प्राथमिकता पर काम करें. हमलोगों को काम के दौरान पकौड़ा भी खिलवाते. मिलने पर सम्मान भी देते और हालचाल भी लेते. हमें अक्सर गरीबों के विकास की योजनाओं पर ही काम करने का सुझाव देते. इस तरह के कार्यों या योजनाओं पर तत्काल निर्णय लेते. वहीं योजनाओं व फैसलों पर भी बुला कर विमर्श कर फैसला लेते.
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