होमगार्ड के लिए बनेगा नया मॉडल विधेयक, केंद्र ने राज्यों से मांगी राय

केंद्र सरकार होमगार्ड को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 1965 के कानून में संशोधन की तैयारी में है. नए मॉडल होमगार्ड विधेयक पर राज्यों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं. जानिए इस बदलाव की अहमियत.

रांची से प्रणव की रिपोर्ट

Model Home Guards Bill : होमगार्ड के कामकाज, भूमिका और संगठन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने मॉडल होमगार्ड विधेयक में संशोधन की प्रक्रिया तेज कर दी है. गृह मंत्रालय के निदेशालय सामान्य, राज्य पुलिस बल और होमगार्ड की ओर से 8 जुलाई 2026 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर प्रस्तावित मॉडल विधेयक पर सुझाव और आपत्तियां मांगी गयी हैं.

1965 के कानून में बदलाव, मॉडल विधेयक तैयार 

गृह मंत्रालय के पत्र के अनुसार, वर्ष 1965 के होमगार्ड अधिनियम के तहत लगातार प्राप्त सुझावों और सिफारिशों के आधार पर होमगार्ड के लिए मॉडल विधेयक का मसौदा तैयार किया गया है. केंद्रीय होमगार्ड संगठन की ओर से आयोजित अखिल भारतीय होमगार्ड महानिदेशकों के सम्मेलन और अखिल भारतीय होमगार्ड कमांडेंट सम्मेलन में भी मसौदा विधेयक पर विस्तृत चर्चा की गयी थी. मंत्रालय ने मार्च 2026 में भी मॉडल होमगार्ड विधेयक की समीक्षा के लिए बैठक की थी.

मॉडल विधेयक अंतिम चरण में, राज्यों से मांगे सुझाव 

पत्र में कहा गया है कि विस्तृत चर्चा के बाद विधेयक में संशोधन का प्रस्ताव अब अंतिम चरण में है. इसका उद्देश्य होमगार्ड संगठनों की वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ विधेयक के प्रभावी क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान करना है. केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि यदि प्रस्तावित मॉडल विधेयक के किसी प्रावधान पर कोई टिप्पणी या सुझाव लंबित है, तो उसे यथाशीघ्र भेजा जाए. साथ ही पहले से लागू या प्रस्तावित संशोधनों पर किसी राज्य को आपत्ति हो, तो उसकी जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया है. वर्तमान होमगार्ड अधिनियम में ऐसी कोई धारा होने पर, जिसे बनाए रखना अनुचित माना जाता है, उसकी जानकारी भी मांगी गयी है.

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राज्यों के सुझावों से मॉडल विधेयक को अंतिम रूप देगा केंद्र

गृह मंत्रालय ने राज्यों से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा है कि उनके सुझाव मॉडल विधेयक को अधिक व्यापक, व्यावहारिक और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. केंद्र सरकार राज्यों से प्राप्त सुझावों के आधार पर विधेयक को अंतिम रूप देने की तैयारी में है.

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लेखक के बारे में

By प्रिया गुप्ता

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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