रांची से बिपिन सिंह की रिपोर्ट
झारखंड एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ अपने लंबित मांगों को लेकर नेपाल हाउस स्थित झारखंड मंत्रालय का घेराव किया. इस दौरान बड़ी संख्या में मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर (एमपीडब्ल्यू) हाथों में कटआउट्स और लाल झंडा लेकर परिसर के ठीक बाहर प्रदर्शन किया. शांतिपूर्ण प्रदर्शन के तहत कर्मचारी सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए सेवा स्थायीकरण की मांग कर रहे थे.
14वें दिन भी जारी रहा आंदोलन
एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि बारिश के बावजूद कर्मचारी धरना में डटे हैं, यह हमारी सहनशीलता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के हर काम में हमें लगाया जाता है. इसके बावजूद आश्वासन से इतर हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार के इस दोहरे रवैए के कारण ही राज्य के सभी एमपीडब्ल्यू स्वास्थ्य कर्मी श्रावणी मेला–2026 में किए गए प्रतिनियुक्ति का सामूहिक बहिष्कार कर रहे हैं. आपको बता दें कि राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के तहत वह पिछले 14 दिनों से आंदोलनरत हैं. संघ का कहना है कि राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा कर्मियों की मांगों पर कोई ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं होना दुखद है.
18 वर्षों से सेवा समायोजन की मांग
प्रदेश महासचिव मंगल हेंब्रम ने कहा वह झारखंड सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जेएसएससी से नाराज हैं. क्योंकि, 18 वर्षों से हम सभी काम करते हुए निरंतर सेवा समायोजन की मांग कर रहे हैं. बावजूद इसके आयोग ने स्वास्थ्य कार्यकर्ता के 68 पदों और क्षेत्रीय कार्यकर्ता के 550 पदों के लिए न्युक्ति प्रक्रिया पूरी कर रही है, जो हमारी मांगों के प्रतिकूल और न्याय संगत नहीं है. प्रदर्शन में सुजीत कुमार, प्रभाकर पाठक, जावेद अंसारी, अमरेंद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार महली सहित संघ से जुड़े बड़ी संख्या में एमपीडब्ल्यू कर्मी उपस्थित थे.
