MMDR कानून पर JMM का आर-पार की जंग का ऐलान, 7 सितंबर से बड़ा आंदोलन, 'आर्थिक नाकेबंदी' की भी दी चेतावनी

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) केंद्र सरकार के खान एवं खनिज संशोधन कानून (MMDR Act) के विरोध में 7 सितंबर से राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर रहा है. पार्टी ने 'आर्थिक नाकेबंदी' की चेतावनी दी है.

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट

रांची : केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज संशोधन कानून (MMDR Act) को लेकर झारखंड में सियासी घमासान तेज है. इस कानून के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है. प्रभात खबर के प्रतिनिधि नवीन शर्मा ने इस खास बातचीत में झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे ने स्पष्ट किया कि पार्टी 7 तारीख से पूरे राज्य में चरणबद्ध जन-जागरण सह आंदोलन की शुरुआत करने जा रही है. इसके तहत राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह कानून झारखंड के विकास में बड़ी बाधा बन रहा है और केंद्र सरकार को या तो इसमें संशोधन करना होगा, या फिर राज्य के लिए वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्था घोषित करनी होगी.

झारखंड के राजस्व और जनकल्याणकारी योजनाओं पर संकट

झामुमो महासचिव ने कहा कि देश को लगभग 40 प्रतिशत खनिज राजस्व देने वाले झारखंड के साथ लगातार वादाखिलाफी की जा रही है. सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने राज्यों को खनिजों पर सेस (Cess) लगाने का संवैधानिक अधिकार दिया था, जिसके राजस्व से राज्य सरकार मंईयां सम्मान योजना और सर्वजन पेंशन योजना जैसी कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है. नया एमएमडीआर कानून लागू होने से राज्य के राजस्व संग्रहण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार राज्य का वर्षों से लंबित 1,36,000 करोड़ रुपये का बकाया तुरंत जारी करें. भाजपा द्वारा इसे अवैध खनन रोकने का जरिया बताए जाने पर उन्होंने कहा कि भाजपा के सांसद और नेता हमेशा से झारखंड के हक-अधिकारों और विकास के खिलाफ खड़े रहे हैं.

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झामुमो बोला- रूक सकती है खनिज सप्लाई

आंदोलन की रणनीति साझा करते हुए विनोद पांडे ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने राज्य की न्यायसंगत मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो यह आंदोलन प्रखंड स्तर से शुरू होकर जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर तक पहुंचेगा. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो इस जन आंदोलन को 'आर्थिक नाकेबंदी' का रूप दिया जाएगा. इसके तहत झारखंड की धरती से बाहर जाने वाली तमाम खनिज संपदा के परिवहन को पूरी तरह रोक दिया जाएगा, ताकि केंद्र सरकार को राज्य की खनिज संपदा और झामुमो के आंदोलन की ताकत का अहसास हो सके.

छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर चला रही भाजपा

छात्र आंदोलन और दर्ज एफआईआर पर भाजपा की चेतावनी का जवाब देते हुए झामुमो महासचिव ने कहा कि उपद्रवियों का बचाव करके भाजपा खुद बेनकाब हो गई है. उन्होंने कहा कि कोई भी सच्चा छात्र हाथ में लाठी, डंडे और हॉकी स्टिक लेकर हिंसा नहीं करता. झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मिलकर वीडियो फुटेज के आधार पर केवल असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सीआईडी द्वारा की जा रही त्वरित जांच से भाजपा में हताशा है, क्योंकि इस पूरे विवाद के पीछे की राजनीतिक साजिश के तार अब खुलकर सामने आ रहे हैं.

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By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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