रांची. संताल परगना क्षेत्र में पेयजल एवं स्वच्छता योजनाओं की धीमी रफ्तार को पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने गंभीरता से लिया है. मंत्री 24 सितंबर को संताल परगना के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान दुमका, देवघर, गोड्डा, पाकुड़, जामताड़ा और साहिबगंज जिलों में चल रही पेयजल एवं स्वच्छता योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे. विभाग ने संबंधित अधिकारियों और संवेदकों को समीक्षा बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है.
हर घर नल-जल योजना पर रहेगा फोकस
समीक्षा के दौरान हर घर नल-जल योजना पर विशेष फोकस रहेगा. मंत्री यह जानकारी लेंगे कि किन गांवों में जलापूर्ति शुरू हो चुकी है, कितने परिवार अभी भी नल कनेक्शन से वंचित हैं और किन स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने का काम अधूरा है.
बैठक में योजनाओं की केवल कागजी प्रगति की समीक्षा नहीं की जायेगी, बल्कि काम की जमीनी स्थिति, निर्माण की गति और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की भी जानकारी ली जायेगी. योजनाओं में देरी के कारणों की भी पड़ताल की जायेगी.
तय समय सीमा में काम पूरा करने का निर्देश
मंत्री ने सभी लंबित और अटके हुए कार्यों में तेजी लाने और उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है. समीक्षा के बाद योजनाओं को पूरा करने के लिए आगामी समय सीमा तय की जा सकती है.
मंत्री ने अधिकारियों और संवेदकों को स्पष्ट किया है कि काम में लापरवाही, अनदेखी या अनावश्यक देरी सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों और संवेदकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी.
