मिचौंग का असर : झारखंड में हुई झमाझम बारिश, ठंड से ठिठुर रहे लोग, जानें कब तक होगी वर्षा

चक्रवाती तूफान मिचौंग की वजह से राजधानी समेत सभी जिलों के अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. रांची और पलामू का तापमान सामान्य से करीब सात डिग्री नीचे जा चुका है, तो जमशेदपुर और बोकारो का सामान्य सामान्य से पांच डिग्री नीचे पहुंच गया.

मिचौंग की वजह से झारखंड का मौसम दो दिन से बदल गया है. बुधवार को सुबह में शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी जारी है. राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में झमाझम बारिश हो रही है. जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. रांची में सुबह से धुंध छाई रही. ऐसा लग रहा था मानो लोग नेतरहाट या शिमला में हों. दोपहर बाद ठंड से लोग ठिठुरने लगे. कांटाटोली से बहू बाजार और ओवरब्रिज से राजेंद्र चौक की ओर जाने वाली सड़कों पर ऑफिस के समय में थोड़ी देर के लिए जाम लग गया था. हालांकि, सड़क किनारे दुकान लगाने वाले हॉकर बारिश की वजह से आज सड़क पर नहीं दिखे. बारिश के पानी से बचने के लिए उन्होंने दुकानों के छज्जे के नीचे शरण ले रखी थी. धनबाद में भी तेज बारिश हो रही है. इसकी वजह से सड़कें सुनसान हैं. कोलियरी इलाके में गोफ से गैस निकल रहे हैं. दूर से ही धुआं देखा जा रहा है. चक्रवाती तूफान मिचौंग की वजह से राजधानी समेत सभी जिलों के अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. रांची और पलामू का तापमान सामान्य से करीब सात डिग्री नीचे जा चुका है, तो जमशेदपुर और बोकारो का सामान्य सामान्य से पांच डिग्री नीचे पहुंच गया. हालांकि, न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक है.

सरायकेला-खरसावां में सबसे ज्यादा 75.4 मिमी वर्षा

बता दें कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान मिचौंग का व्यापक असर चेन्नई और तमिलनाडु में पड़ा. झारखंड को भी इसने पूरी तरह से भिंगो दिया है. पिछले 24 घंटे में रुक-रुककर रांची में अच्छी-खासी बारिश हुई है. लगातार बूंदाबांदी से जहां न्यूनतम तापमान में कमी आई है, वहीं दूसरी ओर लोग दिनभर गरम कपड़े में खुद को ठंड से बचाते दिख रहे हैं. ठंड के कारण सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है. बाजारों में भी अन्य दिनों की तरह भीड़ नहीं है. गुरुवार सुबह 10 बजे तक सरायकेला-खरसावां जिले के खरसेमा में सबसे ज्यादा 75.4 मिलीमीटर वर्षा हुई है. मौसम विभाग ने कहा है कि अभी आकाश में बादल छाये रहेंगे. कहीं-कहीं हल्के व मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है. मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, बादल छंटते ही न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है. उन्होंने आठ दिसंबर से मौसम में सुधार होने के संकेत दिए हैं. कहा कि आकाश में हल्के बादल तो छाये रहेंगे, लेकिन मौसम दिन भर शुष्क रहेगा.

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बड़ाबाम्बो में 12 घंटे से बिजली गुल

झारखंड के अलग-अलग हिस्से में बारिश से लोग परेशान रहे. लगातार बारिश से बड़ाबाम्बो क्षेत्र में 12 घंटे से बिजली गुल है. सभी जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. धान की खेती को भी नुकसान हुआ है. सब्जी की फसल के साथ-साथ पालक की खेती को भी नुकसान हुआ है. दूसरी तरफ, मौसम के करवट लेते ही सरकारी अस्पतालों और निजी क्लिनिक्स में सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. पिछले 24 घंटे की बात करें, तो सबसे अधिक उच्चतम तापमान गोड्डा में, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान रांची में रिकॉर्ड किया गया. गोड्डा का अधिकतम तापमान 25.3 डिग्री सेंटीग्रेड और रांची का न्यूनतम तापमान 15.7 डिग्री सेल्सियस रहा.

कल भी छाया रहेगा कोहरा

आठ दिसंबर को भी झारखंड में कोहरा और धुंध छाया रहेगा. बाद में आंशिक बादल छाए रहेंगे. हालांकि, मौसम शुष्क रहेगा. नौ दिसंबर को भी आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान है. 10 दिसंबर से आसमान साफ रहने का अनुमान मौसम केंद्र रांची ने जताया है. राजधानी रांची के मौसम की बात करें, तो न्यूनतम तापमान 13 डिग्री तक गिर सकता है, जबकि उच्चतम तापमान 18 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. रांची में भी 10 दिसंबर से मौसम साफ होने की बात मौसम केंद्र के प्रमुख अभिषेक आनंद ने कही है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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