पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत की जिम्मेदारी ले मोदी सरकार, रांची में बोले मल्लिकार्जुन खरगे

Mallikarjun Kharge in Samvidhan Bachao Rally Ranchi: पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत पर मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बात पर जोर दिया कि जब आप चूक को मान रहे हैं, तो इतने लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी आपको लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने कम से कम 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी. इनमें ज्यादातर पर्यटक थे. भारत ने इस भयावह घटना के लिए पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार बताया है.

Mallikarjun Kharge in Samvidhan Bachao Rally: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले की खुफिया विफलता की बात स्वीकार की है. उन्होंने कहा कि ऐसे में उसे 26 लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए. कांग्रेस अध्यक्ष मंगलवार 6 मई को झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा में कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने रैली में इस बात को दोहराया कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ उठाये गये हर कदम का कांग्रेस समर्थन करेगी. कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार के साथ खड़ी होगी.

22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में मारे गये थे 26 लोग

पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत पर मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बात पर जोर दिया कि जब आप चूक को मान रहे हैं, तो इतने लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी आपको लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने कम से कम 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी. इनमें ज्यादातर पर्यटक थे. भारत ने इस भयावह घटना के लिए पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार बताया है.

रांची में मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण की खास बातें.

झामुमो, राजद के साथ गंठबंधन सरकार में शामिल है कांग्रेस

झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ मिलकर सरकार चलाने वाली कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूछा कि जब प्रधानमंत्री को खुफिया रिपोर्ट मिल गयी और उन्होंने अपनी यात्रा रद्द कर दी, तो उसी रिपोर्ट के आधार पर लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गयी?

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‘खुफिया तंत्र ने कहा था- मोदी जी का कश्मीर जाना मुनासिब नहीं’

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘मुझे यह भी सूचना मिली है, अखबारों में भी खबरें छपी हैं कि हमले के 3 दिन पहले वहां से खुफिया रिपोर्ट मोदी जी को भेजी गयी थी. इसलिए मोदी जी ने कश्मीर जाने का अपना कार्यक्रम रद्द किया था.’ कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि जब खुफिया तंत्र का कहना था कि प्रधानमंत्री का जाना मुनासिब नहीं है, तो यही बात अपनी खुफिया एजेंसियों के लोगों को, सुरक्षा बलों के लोगों को, पुलिस और वहां सीमा सुरक्षा बल को क्यों नहीं बतायी गयी? लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गयी?

रांची में हेमंत सोरेन और मल्लिकार्जुन खरगे की हुई मुलाकात.

19 अप्रैल को पीएम मोदी को जाना था जम्मू-कश्मीर

प्रधानमंत्री मोदी की जम्मू-कश्मीर यात्रा 19 अप्रैल को निर्धारित थी, लेकिन प्रतिकूल मौसम पूर्वानुमान के कारण स्थगित कर दी गयी थी. प्रधानमंत्री को दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे पुल का उद्घाटन करना था और कटरा से श्रीनगर के लिए वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखानी थी.

रांची में संविधान बचाओ रैली में मल्लिकार्जुन खरगे को पहनायी गयी विशाल माला.

देश सबसे बड़ा है, इसके बाद पार्टी, धर्म और जाति – खरगे

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘देश सबसे बड़ा है. इसके बाद ही पार्टी, धर्म और जाति है. हमने देश के लिए अपनी जान दी है. इंदिरा गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) और राजीव गांधी(पूर्व प्रधानमंत्री) जी ने देश को एक रखने के लिए बलिदान दिया है. महात्मा गांधी जी ने तो देश को आजादी दिलायी, लेकिन एक गद्दार ने उनके सीने में गोलियां दाग दी.’

सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों को महीनों नहीं मिलती तनख्वाह – खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने दावा किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों को महीनों तनख्वाह नहीं मिलती है. प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि सभी बहुत सुखी हैं. उन्होंने आरोप लगाया, ‘नरेंद्र मोदी की नीति है- पीएसयू बंद करो और दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों की नौकरी छीन लो.’

गरीबों को तंग और तबाह करना चाहती है मोदी सरकार – खरगे

खरगे ने कहा कि सरकारी नौकरियों में 30 लाख पद खाली हैं, लेकिन वो भरे नहीं जा रहे. कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि ये पद इसलिए नहीं भरे जा रहे, क्योंकि ऐसा किया गया, तो गरीबों को नौकरी मिलने लगेगी. खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार गरीबों को तंग और तबाह करना चाहती है, इसलिए सभी लोगों को अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी होगी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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