Coronavirus Pandemic: झारखंड में कोरोना वायरस से पहली मौत, गढ़वा के क्वारेंटाइन सेंटर से 6 मरीज भागे, लॉकडाउन बढ़ने की आशंका

lockdown may continue in jharkhand as one dead and six patients run away from quarantine center in garhwa district रांची : झारखंड में कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों की संख्या में जबर्दस्त उछाल के बाद लॉकडाउन की अवधि बढ़ाये जाने की आशंका बढ़ गयी है. बोकारो में कोरोना संक्रमित एक बुजुर्ग की मौत हो गयी, जो राज्य में कोविड-19 से मौत का पहला मामला है. राज्य में अब तक मिले 13 रोगियों में 12 मामले तबलीगी जमात से जुड़े बताये जाते हैं. संक्रमण के चलते ऐसा लग रहा है कि राज्य में लॉकडाउन की अवधि बढ़ायी जायेगी.

रांची : झारखंड में कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों की संख्या में जबर्दस्त उछाल के बाद लॉकडाउन की अवधि बढ़ाये जाने की आशंका बढ़ गयी है. बोकारो में कोरोना संक्रमित एक बुजुर्ग की मौत हो गयी, जो राज्य में कोविड-19 से मौत का पहला मामला है. राज्य में अब तक मिले 13 रोगियों में 12 मामले तबलीगी जमात से जुड़े बताये जाते हैं. संक्रमण के चलते ऐसा लग रहा है कि राज्य में लॉकडाउन की अवधि बढ़ायी जायेगी.

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झारखंड के स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने इसकी पुष्टि की है. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा है कि अब राज्य में स्थिति कठिन अवश्य हो गयी है, लेकिन यह नियंत्रण के बाहर नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी ताकत से इस बीमारी से लड़ने का प्रयास कर रही है.

राज्य में कोरोना से पहली मौत का मामला बोकारो के गोमिया प्रखंड में साड़म से आया, जहां बुधवार देर रात 75 वर्षीय एक वृद्ध की कोरोना संक्रमित होने का पता चलने के कुछ घंटे बाद ही मौत हो गयी. उसके बाद चिकित्सा दल गांव पहुंचा और वहां पूरे इलाके को सैनिटाइज किया जा रहा है. गांव के सभी लोगों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है. गांव में दहशत का माहौल है.

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दूसरी ओर, बोकारो में ही बांग्लादेश और फिर दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज में गयी कोरोना संक्रमित महिला की दो पोतियां और उसका देवर भी बुधवार देर रात कोरोना संक्रमित पाये गये. उन्हें बोकारो के जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इस प्रकार बोकारो में ही कोरोना संक्रमितों तथा मृतकों की संख्या मिलाकर 5 हो गयी है और ये सभी तबलीगी जमात के संपर्क में आये बताये गये हैं. संक्रमित महिला बोकारो के चंद्रपुरा प्रखंड के तेलो गांव की रहने वाली थी.

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इस बीच, बुधवार देर रात रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में भी तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होकर लौटे लोगों के कारण कोरोना संक्रमित पांच नये लोगों का पता चला है, जिससे रांची में ऐसे कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या अब 7 हो गयी है.

यहीं से 31 मार्च को राज्य का पहला कोरोना संक्रमित मामला उस समय पाया गया था, जब निजामुद्दीन मरकज से लौटी एक मलयेशियाई महिला हिंदपीढ़ी की बड़ा मस्जिद से कोरोना पॉजिटिव पायी गयी थी. उसे रिम्स में भर्ती कराया गया है.

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रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे ने गुरुवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि हिंदपीढ़ी में 8 अप्रैल, 2020 की देर रात कोरोना संक्रमित पाये गये सभी 5 नये मामले यहां से छह अप्रैल को कोरोना संक्रमित पायी गयी 54 वर्षीय महिला के परिजनों से जुड़े हैं.

किडनी के रोग से ग्रस्त यह महिला स्वयं रांची में मलयेशियाई मूल की उस महिला के संपर्क में आकर संक्रमित हुई थी, जो दिल्ली में निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज में शामिल होकर यहां आयी थी. रांची के सिविल सर्जन वीबी प्रसाद ने बताया कि हिंदपीढ़ी में संक्रमित पाये गये पांच नये व्यक्तियों की रिपोर्ट देर रात आयी.

लोगों को किया जा रहा क्वारेंटाइन : डीसी

रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे ने बताया कि रांची में जिन पांच लोगों को कोरोना संक्रमित पाया गया है, उन सभी के संपर्क में आने वाले सभी लोगों का पता प्रशासन ने आनन-फानन में लगा लिया है. ऐसे लोगों को पृथक रखकर उनका स्वाब सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है.

उन्होंने बताया कि हिंदपीढ़ी की जिस 54 वर्षीया महिला को 6 अप्रैल को कोरोना संक्रमित पाया गया था, उसका इलाज बरियातू इलाके में एक क्लिनिक में चल रहा था. क्लिनिक के संचालक एवं कर्मचारियों को भी क्वारेंटाइन कर दिया गया है. इतना ही नहीं, क्लिनिक में भर्ती 23 मरीजों को भी पृथकवास के लिए रिम्स में भर्ती कर दिया गया है.

हिंदपीढ़ी में 72 घंटे के लिए निषेधाज्ञा

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता ने बताया कि हिंदपीढ़ी में पांच नये कोरोना संक्रमित पाये जाने के बाद पूरे इलाके में और 72 घंटे के लिए धारा 144 पूरी सख्ती से लागू की जायेगी. वहां से किसी को कहीं आने-जाने की इजाजत नहीं होगी.

हजारीबाग के विष्णुगढ़ में पहले से ही दो अप्रैल को एक कोरोना संक्रमित मरीज पाया जा चुका है. वह पश्चिम बंगाल के आसनसोल से यहां पहुंचा था. इस प्रकार राज्य में अब कुल मिलाकर ज्ञात कोरोना संक्रमितों की संख्या चार से बढ़कर यकायक 13 हो गयी है, जिनमें एक बुजुर्ग की मौत हो गयी है तथा 12 अन्य विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं.

राज्य में अब तक कोरोना संक्रमित पाये गये 13 लोगों में 12 का कहीं न कहीं से दिल्ली में निजामुद्दीन जमात के मरकज से संबंध पाया गया है. इसके चलते राज्य प्रशासन और सतर्क हो गया है और उसने जमात के शेष लोगों से शीघ्रातिशीघ्र सामने आकर जांच करवाने की अपील की है.

गढ़वा के क्वारेंटाइन सेंटर से 6 मरीज भागे

राज्य प्रशासन की चिंता बढ़ाते हुए गुरुवार तड़के गढ़वा के कुशदंड पृथकवास केंद्र से छह लोगों के भाग जाने की सूचना प्राप्त हुई है. पुलिस फरार लोगों की तलाश कर रही है, लेकिन अब तक उनका पता नहीं चल सका है.

मुख्यमंत्री कार्यालय ने राज्य में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर चिंता व्यक्त की है और यहां 14 अप्रैल के बाद भी लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत दिये हैं. हालांकि, इस मामले में फैसला देश की स्थिति को देखते हुए 14 अप्रैल को ही लिये जाने की संभावना व्यक्त की गयी है.

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Author: Mithilesh Jha

Published by: Prabhat Khabar

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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