रांची. अपर न्यायायुक्त आनंद प्रकाश की अदालत ने हिंदपीढ़ी में पैसे के लेन-देन को लेकर मो रिंकू की हत्या मामले में मुर्शीद अयूब, हैदर अली और मो फिरदोस उर्फ बबलू को उम्र कैद तथा 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है. जुर्माना की राशि नहीं देने पर तीनों को छह-छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. मामले में दो आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी हो गये. घटना 16 अप्रैल 2022 की है. केस आइओ होसेन डांग, पोस्टमार्टम व एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर दोषियों को सजा सुनायी गयी. इस मामले में सभी गवाह मुकर गये थे. केवल उक्त तीनों साक्ष्य के आधार पर दोषियों को सजा सुनायी गयी. मामले में पूर्व सहायक लोक अभियोजक मीनाक्षी कंडुलना (वर्तमान में हजारीबाग कोर्ट की सहायक लोक अभियोजक) ने पक्ष रखा. मृतक रिंकू के दोस्त नौशाद के बयान पर हिंदपीढ़ी थाना में पांच के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.
पत्नी की हत्या का आरोपी बरी
रांची. अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार की अदालत ने पत्नी की हत्या के आरोप में ट्रायल फेस कर रहे गोवर्धन मुंडा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. गोवर्धन मुंडा पर लगे आरोप को अभियोजन पक्ष सिद्ध नहीं कर पाया. आरोपी की पुत्री के फर्द बयान पर बुंडू थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी. हत्या की घटना 18 जनवरी 2019 की है. कुल्हाड़ी से काटकर पत्नी की हत्या करने का आरोप गोवर्धन मुंडा पर था.तीन सड़क लुटेरे को तीन-तीन साल की सजा
रांची. लूट व छिनतई की घटना को लेकर दर्ज मामले की सुनवाई करते हुए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत ने तीन सड़क लुटेरे अर्सलान अंजर, मोहम्मद कैफ उर्फ टेना और अक्षय सिंह को तीन-तीन साल की सजा सुनायी है. साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सड़क लूट की घटना सज्जन पोद्दार के साथ 16 मई 2023 की सुबह 9:30 बजे हुई थी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
