करमा विसर्जन के बाद आदिवासी समाज क्यों मनाते हैं इंज मेला, सरना धर्म गुरू बंधन तिग्गा ने बताया

इंज का मतलब होता है स्वीकार करना. विर्सजन के दूसरे दिन ही इस मेला का आयोजन होता है. ये एक तरह का मिलन समारोह होता है

रांची : भाई बहन का त्योहार कहे जाना वाला करम पूजा आज पूरे झारखंड में धूमधाम से मनाया जाएगा. हालांकि, इस पर्व की तैयारी महीनों पहले शुरू हो जाती है. लेकिन बहुतों को ये नहीं पता होता है कि करम को विर्सिजत करने के बाद इंज मेले का आयोजन होता है. इंज मेले की शुरुआत कब और कैसे हुई थी. इन सारी चीजों की जानकारी लेने के लिए प्रभात खबर डॉट के प्रतिनिधि समीर उरांव ने सरना समाज के धर्मगुरू बंधन तिग्गा से खास बातचीत की.

क्या होता है इंज मेला और कैसे हुई थी इसकी शुरुआत

इंज का मतलब होता है स्वीकार करना. विर्सजन के दूसरे दिन ही इस मेला का आयोजन होता है. ये एक तरह का मिलन समारोह होता है. जिन गांवों में जावा नहीं उठाया जाता है उन्हें संगी गांव के लोग जावा फूल से उनलोगों का स्वागत करते हैं. चूंकि जावा फूल को हम आदिवासी सृष्टि का प्रतीक मानते हैं. स्वागत के बाद जावा फूल के पुरूष वर्ग के लोग अपने कान में और स्त्रियां अपने कानों में लगाती हैं.

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बहुत सारे लोग इसे इंद और इंज में फर्क नहीं समझ पाते हैं. लेकिन दोनों एक दूसरे से अलग है. सभी आदिवासी गावों में लोग संगी जोड़ते हैं. संगी का मतलब साथी या मित्र. मेले का आयोजन अपने अपने पड़हा की आपसी सहमति से होता है. जिस तरह मुड़मा मेले का इतिहास पुराना है उसी तरह इंज मेले का इतिहास भी बहुत पुराना है. कहा जाता है कि आज से हजार वर्ष पहले जब यहां पर उरांव लोग आए उसके बाद ही इसका आयोजन लगातार हो रहा है. मेले में एक जगह जमा होने के बाद लोग एक साथ पूजा अर्चना करते हैं और नाचते गाते हैं.

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Author: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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