Kal Ka Mausam: झारखंड से क्यों रूठा है मानसून? कहां हुई बारिश, जानें कैसा रहेगा कल का मौसम

Kal Ka Mausam: झारखंड से मानसून अब तक रूठा हुआ है. पूरे झारखंड को कवर करने में अभी समय लगेगा. कल का मौसम कैसा रहेगा, मौसम वेैज्ञानिक ने क्या कहा, यहां पढ़ें.

Kal Ka Mausam: दक्षिणी पश्चिमी मानसून झारखंड से अभी भी रूठा हुआ है. मानसून झारखंड की ओर बढ़ रहा था, लेकिन बीच में ही अटक गया. फलस्वरूप झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार को अभी और कुछ दिनों तक मानसून का इंतजार करना होगा. हालांकि, उम्मीद है कि जून में ही पूरे झारखंड में मानसून पहुंच जाएगा.

झारखंड के कुछ ही जिलों में पहुंचा मानसून

मौसम विभाग ने कहा है कि अभी झारखंड के कुछ ही जिलों में मानसून पहुंच पाया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक, गोड्डा, गुमला, सिमडेगा, चाईबासा, पाकुड़ और साहिबगंज में ही अब तक मानसून पहुंच पाया है. झारखंड के शेष भागों में इसके पहुंचने में देर हो गई है. अभी कुछ दिन और लोगों को मानसून का इंतजार करना होगा. झारखंड ही नहीं, बिहार और बंगाल को भी अभी मानसून के आने का इंतजार करना होगा.

3 दिन में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की आएगी गिरावट

कल का मौसम कैसा रहेगा, इस बारे में पूछने पर मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि झारखंड में कहीं-कहीं तेज हवाओं का झोंका चलेगा. मेघ गरजेंगे. वज्रपात भी हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि अगले 3 दिन तक झारखंड के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेंटीग्रेड तक की गिरावट आ सकती है. इसके बाद 2 दिन तक उच्चतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होगा, इसके संकेत नहीं मिल रहे हैं.

28 जून को गरज के साथ वज्रपात का येलो अलर्ट जारी

उन्होंने बताया कि मौसम विभाग की ओर से 27 और 28 जून के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. यानी गरज के साथ वज्रपात एवं वर्षा हो सकती है. 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकतीं हैं. 29 जून को झारखंड के पश्चिमी तथा निकटवर्ती मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना मौसम वैज्ञानिक ने जताई है. 30 जून को उत्तर-पश्चिमी एवं उससे सटे उत्तरी भागों में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी.

गुमला के भरनो में हुई सबसे ज्यादा 33 मिलीमीटर वर्षा

मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड में कई जगहों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. सबसे ज्यादा 33 मिलीमीटर वर्षा गुमला जिले के भरनो में हुई. सबसे अधिक उच्चतम तापमान 40.1 डिग्री सरायकेला में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेंटीग्रेड रांची में रिकॉर्ड किया गया.

झारखंड में 24 घंटे में कहां, कितनी वर्षा हुई

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, झारखंड में 19 जगहों पर वर्षा हुई. इन जगहों पर 1 मिलीमीटर से लेकर 33 मिलीमीटर के बीच वर्षा हुई.

  • भरनो में 33 मिलीमीटर
  • सगमा में 18.4 मिलीमीटर
  • डंडई में 15.7 मिलीमीटर
  • उंटारी रोड में 15 मिलीमीटर
  • भंडरिया में 14 मिलीमीटर
  • बोलबा में 10.8 मिलीमीटर
  • पदमा डीवीसी में 10.2 मिलीमीटर
  • चकुलिया में 9.4 मिलीमीटर
  • गढ़वा केवीके में 5.5 मिलीमीटर
  • गुमला बिशुनपुर केवीके में 3.5 मिलीमीटर
  • मरकच्चो में 2.8 मिलीमीटर
  • पतरातू में 2.5 मिलीमीटर
  • कोडरमा डीवीसी में 2.2 मिलीमीटर
  • बोरियो में 2.2 मिलमीटर
  • मांडू में 1.6 मिलीमीटर
  • हजारीबाग डीवीसी में 1.4 मिलीमीटर
  • डुमरी में 1 मिलीमीटर
  • गोड्डा केवीके में 1 मिलीमीटर

गढ़वा में सामान्य से 90 फीसदी कम बरसा है मानसून

झारखंड के 4 जिले ही ऐसे हैं, जहां सामान्य से 60 फीसदी से कम बारिश हुई है. बाकी के 20 जिलों में बहुत कम वर्षा हुई है. शेष 20 जिलों में 60 फीसदी से 90 फीसदी तक कम वर्षा हुई है. गढ़वा जिले में 1 जून से 27 जून के बीच 11.1 मिलीमटर वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षापात से 90 फीसदी कम है.

Also Read

Jharkhand Weather: बदला मौसम, रांची को गर्मी से मिली राहत, झारखंड में 24 तक बारिश के आसार

Weather Forecast: झारखंड में फिर HEAT WAVE की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

कल का मौसम: झारखंड में तेज हवाओं के साथ वर्षा-वज्रपात, इन जिलों में येलो अलर्ट

Monsoon Update: 12 जिलों में बारिश, पलामू संभाग को लू से राहत नहीं, इस दिन झारखंड पहुंचेगा मानसून

School Time Change: झारखंड में गर्मी का प्रकोप जारी, स्कूलों के समय में हुआ बदलाव

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >