खूंटी, सिमडेगा समेत इन 4 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, येलो अलर्ट जारी

Kal Ka Mausam: झारखंड के 4 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गयी है. मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने इन जिलों (गुमला, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम) के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. कहा है कि इन जिलों में कहीं-कहीं 70 से 110 मिलीमीटर वर्षा हो सकती है. बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव के क्षेत्र के असर से समूचे झारखंड में कहीं-कहीं वर्षा होने के आसार हैं.

Kal Ka Mausam: झारखंड के 4 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गयी है. मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने रविवार को बताया कि सोमवार 25 अगस्त 2025 को खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंभूम में भारी वर्षा होगी. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है. इन जिलों में कहीं-कहीं 70 से 110 मिलीमीटर तक वर्षा होगी. कुछ जगहों पर आंधी-तूफान के साथ वज्रपात भी हो सकता है.

24 घंटे में सामान्य से 246 फीसदी अधिक हुई वर्षा

पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड में सामान्य से 246 फीसदी अधिक वर्षा हुई. आमतौर पर इस दौरान 6.2 मिलीमीटर वर्षा को सामान्य वर्षापात माना जाता है, लेकिन झारखंड में 21.5 मिलीमीटर वर्षा हुई. सबसे ज्यादा 85 मिलीमीटर वर्षा पश्चिमी सिंहभूम जिले के आनंदपुर में हुई. जगरनाथपुर में 67 मिमी वर्षा रिकॉर्ड किया गया.

Kal Ka Mausam: झारखंड में कहां-कहां कितनी हुई वर्षा

कुरडेग में 64.6 मिलीमीटर, बुढ़मू में 57.8 मिलीमीटर, हाटगम्हरिया में 52.6 मिलीमीटर, बीएयू कांके में 50.4 मिलीमीटर, सिमडेगा में 47.2 मिलीमीटर, रामगढ़ में 46.6 मिलीमीटर, आईसीएआर नामकुम में 46.4 मिलीमीटर, तोरपा में 46.4 मिलीमीटर, सोनुवा में 45 मिलीमीटर, तेनुघाट में 43,8 मिलीमीटर, बड़कागांव में 42 मिलीमीटर, कुमारडुंगी में 39.8 मिलीमीटर, तिलैया डीवीसी में 39.5 मिलीमीटर, बानो सिमडेगा केवीके में 38.5 मिलीमीटर और मांडू डीवीसी में 37.1 मिलीमीटर वर्षा हुई.

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गोड्डा का अधिकतम तापमान गोड्डा में सबसे ज्यादा

इस दौरान झारखंड में सबसे अधिक उच्चतम तापमान गोड्डा में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान रांची के नामकुम में दर्ज हुआ. गोड्डा का उच्चतम तापमान 33.6 डिग्री रहा, तो नामकुम का 20.6 डिग्री. मौसम विभाग ने बताया है कि 25 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में फिर से निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिसके असर से पूरे झारखंड में 29 अगस्त तक बारिश होती रहेगी.

मानसून सीजन में 33 फीसदी अधिक हुई बारिश

मानसून के सीजन में अब तक हुई बारिश की बात करें, तो झारखंड पर इस बार मानसून मेहरबान है. लगातार बारिश हो रही है. सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है. झारखंड में 991.9 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षापात 745.5 मिलीमीटर से 33 फीसदी अधिक है. आधा दर्जन से अधिक जिलों में 1000 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हो चुकी है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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