रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट
Ranchi News: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के चार हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस और एक वरिष्ठ अधिवक्ता को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाये जाने की अनुशंसा की है. इनमें झारखंड हाइकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और वर्तमान में बांबे हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर का नाम भी शामिल है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से की गयी इस अनुशंसा के बाद न्यायिक जगत में खुशी का माहौल है.
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में हुई बैठक
जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक 22 और 27 मई को आयोजित की गयी थी. यह बैठक सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश और कॉलेजियम के अध्यक्ष चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में हुई. बैठक में विभिन्न हाइकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीशों और चीफ जस्टिस के नामों पर विचार किया गया. कॉलेजियम ने बांबे हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर, पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, मध्यप्रदेश हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस अरुण पल्ली को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाये जाने की अनुशंसा की है. इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना के नाम की भी सिफारिश की गयी है.
झारखंड हाइकोर्ट से जुड़ा रहा लंबा सफर
चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर का झारखंड से विशेष जुड़ाव रहा है. उन्हें 17 जनवरी 2013 को झारखंड हाइकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. उन्होंने झारखंड हाइकोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की और न्यायिक कार्यशैली के कारण अपनी अलग पहचान बनायी. झारखंड में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई जनहित से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण फैसले दिये थे. उनकी सख्त लेकिन संतुलित न्यायिक शैली की चर्चा न्यायिक हलकों में होती रही है.
राजस्थान हाइकोर्ट से बांबे हाइकोर्ट तक का सफर
बाद में जस्टिस एस चंद्रशेखर का तबादला राजस्थान हाइकोर्ट कर दिया गया था. वहां भी उन्होंने न्यायिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया. इसके बाद उन्हें बांबे हाइकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया. बांबे हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और न्यायिक फैसले लिये. अब सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति की अनुशंसा को उनके लंबे न्यायिक अनुभव और कार्यशैली का सम्मान माना जा रहा है.
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झारखंड के न्यायिक जगत में खुशी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद झारखंड के न्यायिक और अधिवक्ता समुदाय में खुशी का माहौल है. कई अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों ने इसे झारखंड के लिए गौरव का क्षण बताया है. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड हाइकोर्ट से जुड़े रहे जस्टिस एस चंद्रशेखर का सुप्रीम कोर्ट पहुंचना राज्य के न्यायिक इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि है. अब केंद्र सरकार की मंजूरी और राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद उनकी नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होगी.
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