JSSC CGL विवाद पर आर-पार के मूड में छात्र, बाबूलाल मरांडी बोले- फरमान वापस ले सरकार

JSSC CGL विवाद पर झारखंड के छात्र आर-पार के मूड में हैं. सोमवार (16 दिसंबर) को जेएसएससी कार्यालय का घेराव करने जा रहे छात्रों को बाबूलाल मरांडी का समर्थन मिला.

JSSC CGL Controversy: झारखंड स्टेट सर्विस कमीशन की ओर से आयोजित सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले में छात्र अब आर-पार के मूड में आ गए हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का भी उन्हें समर्थन मिल गया है. छात्र नेता देवेंद्र महतो ने कहा कि छात्रों के हित से खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छात्रों की गिरफ्तारी से संबंधित जो फरमान सरकार ने जारी किया है, उसे वापस लेना चाहिए.

झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री ने सरकार के इस फैसले को तुगलकी फरमान करार दिया है. बाबूलाल मरांडी ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार लोकतांत्रिक विरोध का गला घोंट रही है. यह लोकतंत्र की हत्या है. उन्होंने कहा कि एसएससी-सीजीएल परीक्षा में हुई धांधली की साजिश के पीछे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का हाथ साफ नजर आता है. उन्होंने कहा कि पहले हेमंत सोरेन ने सीआईडी जांच का झूठा आश्वासन दिया. फिर जेएसएससी ने खुद को क्लीन चिट दे दिया. अब आंदोलन कर रहे छात्रों की गिरफ्तारी के सख्त आदेश जारी कर झारखंड की सरकार ने युवाओं की आवाज को दबाने की साजिश रच दी है.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने सराकर को याद दिलाया है कि झारखंड की भूमि आंदोलनों और संघर्षों का प्रतीक है. झारखंड के युवा दमनकारी नीतियों का करारा जवाब देना जानते हैं. उन्होंने सरकार से मांग की है कि मुख्यमंत्री छात्रों की गिरफ्तारी का आदेश वापस लेकर सीजीएल परीक्षा की सीबीआई जांच कराने का आदेश दें और छात्रों के गतिरोध को समाप्त करने की सकारात्मक पहल करें.

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By Mithilesh Jha

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